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Prayagraj Mahakumbh: महाकुंभ में मैहर छोटा अखाड़ा आश्रम ने किए खास इंतजाम, ये सुविधाएं फ्री; जानें कैंप कहां?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 11 Jan 2025 01:21 PM IST
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सार
महंत गंगाशरण ने शाही स्नान का जिक्र करते हुए बताया कि 14 जनवरी को महाकुंभ का प्रथम शाही स्नान, 29 जनवरी को दूसरा शाही स्नान होगा। अंतिम शाही स्नान 2 फरवरी को होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्नान करने की अपील की है।
श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर छोटा अखाड़ा आश्रम के महंत गंगाशरण
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले को लेकर विभिन्न अखाड़ों ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर छोटा अखाड़ा आश्रम ने भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर छोटा अखाड़ा आश्रम के महंत गंगाशरण ने श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर गंगा स्नान करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज आना चाहते हैं, उनके लिए छोटा अखाड़ा आश्रम के कैंप में निःशुल्क ठहरने, भोजन प्रसाद और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। यह कैंप सेक्टर नंबर 5, दरागंज के पास पीपा पुल नंबर 13, 14 और 15 के रास्ते से होकर स्थित है।
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तीन जगह होता है आयोजन
महंत गंगाशरण ने कुंभ के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि महाकुंभ हर 12 वर्षों में प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है। मान्यता है कि महाकुंभ में गंगा स्नान करने से व्यक्ति के सभी दुख दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में शाही स्नान का विशेष महत्व है, जो केवल कुछ निर्धारित तिथियों पर किया जाता है।
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तीन दिन होगा शाही स्नान
महंत गंगाशरण ने शाही स्नान का जिक्र करते हुए बताया कि 14 जनवरी 2025 (मकर संक्रांति) को महाकुंभ का प्रथम शाही स्नान, 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) को दूसरा शाही स्नान होगा। अंतिम शाही स्नान 2 फरवरी (बसंत पंचमी) को होगा। शाही स्नान के अलावा 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) को अंतिम स्नान है।
आमजन से शाही स्नान की अपील
महंत गंगाशरण ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस अवसर पर गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करें और महाकुंभ की आध्यात्मिकता का लाभ उठाएं। प्रयागराज के महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जिसमें देश-विदेश के श्रद्धालु स्नान करने पहुंचते हैं।

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