Sehore News: गेहूं खरीदी में बड़ा खुलासा! तीन वेयरहाउस ब्लैकलिस्ट, शाखा प्रबंधक की वेतन वृद्धि पर रोक
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में अनियमितताओं पर कलेक्टर ने गौर, बद्रीनाथ और प्रेम इन्फ्रास्ट्रक्चर वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की है। जांच में अवैध भंडारण और क्षमता से अधिक स्टॉक मिला। एमपीडब्ल्यूएलसी की शाखा प्रबंधक की एक वेतन वृद्धि रोकने की भी सिफारिश की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर बालागुरु के. ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले के तीन वेयरहाउसों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की अनुशंसा करते हुए मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पत्र भेजा है। इसके साथ ही एमपीडब्ल्यूएलसी की श्यामपुर शाखा प्रबंधक की एक वेतन वृद्धि रोकने की भी अनुशंसा की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौर और बद्रीनाथ वेयरहाउस में मिली गंभीर अनियमितताएं
शासन के निर्देशानुसार जिले में 10 अप्रैल से 28 मई तक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन किया गया था। चरनाल सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत वनखेड़ा-चरनाल स्थित गौर वेयरहाउस को उपार्जन केंद्र बनाया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान यहां 96,019 गेहूं की बोरियां भंडारित मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि समीप स्थित बद्रीनाथ वेयरहाउस, जिसे इस वर्ष उपार्जन केंद्र की अनुमति नहीं थी, उसमें बिना अनुमति 5,630 बोरियां अवैध रूप से रखी गई थीं।
स्लॉट क्षमता से अधिक मिला भंडारण
जांच के दौरान दोनों गोदामों में कुल 1,01,649 बोरियां मिलीं, जो निर्धारित स्लॉट बुकिंग क्षमता से कहीं अधिक थीं। इसके अलावा गौर वेयरहाउस में आगामी तिथियों में स्लॉट बुक कराने वाले किसानों का 3,257.50 क्विंटल गेहूं पहले से खरीदकर भंडारित कर लिया गया था। अधिकारियों ने इसे उपार्जन नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
ये भी पढ़ें- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निवास पर विरोध करने पहुंचे दंपति हिरासत में, पुलिस ने बताया ये कारण
नोटिस के जवाब नहीं आए संतोषजनक
अनियमितताओं के संबंध में दोनों वेयरहाउस संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके जवाब प्रशासन को संतोषजनक नहीं लगे। इसके बाद कलेक्टर ने गौर वेयरहाउस को एक वर्ष तथा बद्रीनाथ वेयरहाउस को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में भी बद्रीनाथ वेयरहाउस पर लापरवाही पाए जाने के कारण कार्रवाई की गई थी।
प्रेम इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी कार्रवाई की अनुशंसा
मूंदीखेड़ी स्थित प्रेम इन्फ्रास्ट्रक्चर वेयरहाउस में भी जांच के दौरान गंभीर कमियां सामने आईं। गोदाम के सभी आठ शटर क्षतिग्रस्त पाए गए और परिसर में स्क्रैप तथा अनुपयोगी सामग्री रखी होने से उपार्जित गेहूं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था। पूर्व में सुधार के निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं। कारण बताओ नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने इस वेयरहाउस को भी एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की है।
शाखा प्रबंधक की वेतन वृद्धि रोकने की सिफारिश
जांच में एमपीडब्ल्यूएलसी, श्यामपुर की शाखा प्रबंधक दीप्ति सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई। रिपोर्ट के अनुसार प्रभावी नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अभाव में गैर-स्वीकृत गोदाम में गेहूं का अवैध भंडारण कराया गया तथा गोदाम संचालक के साथ मिलीभगत की पुष्टि हुई। कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए एक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा प्रबंध संचालक से की है।
