फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Sehore Gets Only 20 Inches Rain; 27 Ponds Dry, Water Crisis Looms

Sehore Monsoon: सीहोर में मानसून कमजोर, पिछले साल से 5.41 इंच कम बारिश; 27 तालाब अब भी सूखे

Mon, 03 Aug 2026 09:46 AM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Mon, 03 Aug 2026 09:46 AM IST
सार

सीहोर जिले में अब तक केवल 20  इंच (508.7 मिमी) बारिश हुई है, जो पिछले साल के 25.44 इंच (646.3 मिमी) से काफी कम है। 27 तालाब सूखे हैं और शहर की जलापूर्ति करने वाले प्रमुख तालाब भी बेहद कम भर पाए हैं।

विज्ञापन
Sehore news: Sehore Gets Only 20 Inches Rain; 27 Ponds Dry, Water Crisis Looms
शहर की प्यास बुझाने वाले जमोनिया तालाब की इस प्रकार की है स्थिति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगस्त का पहला सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन जिले में मानसून अब तक उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया है। 3 अगस्त तक जिले में औसतन 20.03 इंच (508.7 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 25.44 इंच (646.3 मिमी) वर्षा हो चुकी थी। यानी इस बार अब तक 5.41 इंच (138.4 मिमी) कम बारिश हुई है। इसका सीधा असर जिले की जल संरचनाओं पर दिखाई देने लगा है। 66 प्रमुख तालाबों में से 27 अब भी पूरी तरह सूखे पड़े हैं, जबकि शेष तालाब भी अपनी क्षमता के मुकाबले काफी कम भर पाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पेयजल और सिंचाई दोनों पर गंभीर संकट गहरा सकता है।

विज्ञापन


जलाशयों की बदहाल स्थिति ने बढ़ाई चिंता
कम वर्षा का सबसे अधिक असर जल संसाधनों पर पड़ा है। जिले के 66 प्रमुख तालाबों में से 27 में अब तक पानी नहीं पहुंचा है। शेष 39 तालाबों में भी केवल 0.30 प्रतिशत से 67 प्रतिशत तक ही जलभराव हो पाया है। यह स्थिति आने वाले महीनों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
विज्ञापन


शहर की प्यास बुझाने वाले तालाब भी खाली
सीहोर शहर की पेयजल व्यवस्था जिन दो प्रमुख तालाबों पर निर्भर है, उनकी स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। भगवानपुरा तालाब की 6.71 एमसीएम क्षमता के मुकाबले केवल 0.70 एमसीएम (10.43 प्रतिशत) पानी उपलब्ध है। वहीं जमोनिया तालाब की 11.32 एमसीएम क्षमता के मुकाबले महज 1.40 एमसीएम (12.37 प्रतिशत) पानी मौजूद है। आष्टा में आपातकालीन जलापूर्ति के लिए उपयोग होने वाले रामपुरा खुर्द डेम में भी केवल 2.38 एमसीएम (18.67 प्रतिशत) पानी उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें:  एक सीट का परिणाम, लेकिन 2028 की राजनीति को देगा बड़ा संकेत; तय होगी आगे की रणनीति

रबी की खेती और पेयजल पर खतरा
जल संसाधन विभाग के अनुसार यदि बारिश का सिलसिला नहीं बढ़ा तो करीब 29 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल की सिंचाई और पलेवा प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा चार हजार से अधिक कुएं, हैंडपंप और ट्यूबवेल पर्याप्त रूप से रिचार्ज नहीं हो पाएंगे, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गहरा सकता है।

इन 27 तालाबों में अब भी नहीं पहुंचा पानी
बरखेड़ी, बरखेड़ा, भाऊखेड़ी, बोरदी टैंक, ढाबलामाता, हालियाखेड़ी, इछावर, कालापीपल, कांकड़खेड़ा, कोनाझिर, लसुड़िया कांगर, मूंडला, पांगरा, रामदासी टैंक, रामपुरा, रसूलपुरा, अपर बोरदी, विनायकपुरा, बमुलिया भाटी, मैना-1, मैना-2, पंचापुरा, फूडरा, सेवदा और नींबूखेड़ा सहित कुल 27 तालाब पूरी तरह सूखे पड़े हैं।


तहसीलों में वर्षा की स्थिति
3 अगस्त तक सबसे अधिक वर्षा आष्टा में 22.74 इंच (582.0 मिमी) दर्ज की गई। इसके बाद रेहटी में 21.24 इंच (539.6 मिमी), बुधनी में 20.75 इंच (527.0 मिमी), इछावर में 20.71 इंच (526.0 मिमी), भैरूंदा में 20.59 इंच (523.0 मिमी), जावर में 19.49 इंच (495.0 मिमी), सीहोर में 19.24 इंच (488.6 मिमी) तथा सबसे कम श्यामपुर में 14.62 इंच (371.4 मिमी) वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने जताई राहत की उम्मीद
रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तोमर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ, अरब सागर से मिल रही लगातार नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन से चार दिनों तक जिले में रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो सूखे तालाबों में पानी पहुंचेगा, बांधों का जलस्तर बढ़ेगा और किसानों के साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed