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Sehore News: भोपाल-इंदौर हाईवे पर हादसा, गाय को बचाने में बेकाबू बस पेड़ से टकराई; एक की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:17 PM IST
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सार
भोपाल-इंदौर हाईवे पर आष्टा के पास तेज रफ्तार बस के पेड़ से टकराने से दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क पर अचानक आई गाय को बचाने की कोशिश में बस अनियंत्रित हो गई, जिसमें एक की मौत और कई लोग घायल हो गए।
दुर्घटनाग्रस्त बस घटनास्थल पर।
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विस्तार
भोपाल-इंदौर हाईवे पर मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशहाल सफर को मातम में बदल दिया। आष्टा के पास पार्वती थाना क्षेत्र में अहमदाबाद से भोपाल आ रही वर्मा ट्रेवल्स की बस अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ी। हादसे की जड़ बनी सड़क पर अचानक आई एक गाय, जिसे बचाने की कोशिश ने बस को सीधे मौत के मुंह में धकेल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, जैसे ही गाय बस के सामने आई, चालक ने तत्काल ब्रेक लगाया। लेकिन यही फैसला घातक साबित हुआ। तेज रफ्तार बस का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और केबिन में बैठे हेल्पर के लिए बचने का कोई मौका नहीं बचा।
केबिन में फंसा हेल्पर, मौके पर ही दर्दनाक मौत
हादसे का सबसे भयावह दृश्य बस के केबिन में देखने को मिला, जहां हेल्पर सुनील मुकाती (35), निवासी पोलाई कला, शाजापुर बुरी तरह फंस गए। टक्कर के बाद केबिन लोहे के जाल में तब्दील हो गया। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पहुंची 108 एंबुलेंस और पुलिस टीम ने कटर की मदद से केबिन को काटकर शव को बाहर निकाला। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
30 यात्री मौत के मुंह से लौटे, चार की हालत गंभीर
बस में सवार करीब 30 यात्री इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए। हालांकि चार यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई थी। कुछ यात्रियों ने बताया कि टक्कर के समय उन्हें लगा कि अब कोई नहीं बचेगा, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया।
“सामने साक्षात मौत दिख रही थी”- चालक का बयान
बस चालक रामचंद्र पटेल ने हादसे के बाद कांपती आवाज में बताया कि गाय अचानक सामने आ गई थी। उन्होंने उसे बचाने के लिए ब्रेक लगाया, लेकिन टायर फटते ही बस अनियंत्रित हो गई। चालक के मुताबिक, “उस पल ऐसा लगा जैसे सामने साक्षात मौत खड़ी हो, कुछ समझ नहीं आया और बस पेड़ से टकरा गई।”
पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पड़ताल जारी
घटना की सूचना मिलते ही पार्वती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक और टायर फटने की वजह सामने आई है। हालांकि तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि हादसे में लापरवाही का कोई एंगल तो नहीं है। आष्टा थाने के एसआई अजय कांत दीक्षित ने बताया गाय को बचाने में बस का टायर भी फटा और पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस के हैल्पर की मौके पर ही मौत हो गई।वहीं, सभी यात्री सुरक्षित है। मामले में जांच जारी है।
हाईवे पर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर मवेशियों की मौजूदगी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जहां जानवरों को बचाने की कोशिश में बड़े हादसे हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
एक झटके में उजड़ गया परिवार
सुनील मुकाती की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रोजी-रोटी के लिए बस में हेल्पर का काम करने वाला सुनील अब कभी घर नहीं लौटेगा। परिजनों को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में मातम छा गया। यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों का अंत बन गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, जैसे ही गाय बस के सामने आई, चालक ने तत्काल ब्रेक लगाया। लेकिन यही फैसला घातक साबित हुआ। तेज रफ्तार बस का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और केबिन में बैठे हेल्पर के लिए बचने का कोई मौका नहीं बचा।
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केबिन में फंसा हेल्पर, मौके पर ही दर्दनाक मौत
हादसे का सबसे भयावह दृश्य बस के केबिन में देखने को मिला, जहां हेल्पर सुनील मुकाती (35), निवासी पोलाई कला, शाजापुर बुरी तरह फंस गए। टक्कर के बाद केबिन लोहे के जाल में तब्दील हो गया। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पहुंची 108 एंबुलेंस और पुलिस टीम ने कटर की मदद से केबिन को काटकर शव को बाहर निकाला। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
30 यात्री मौत के मुंह से लौटे, चार की हालत गंभीर
बस में सवार करीब 30 यात्री इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए। हालांकि चार यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई थी। कुछ यात्रियों ने बताया कि टक्कर के समय उन्हें लगा कि अब कोई नहीं बचेगा, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया।
“सामने साक्षात मौत दिख रही थी”- चालक का बयान
बस चालक रामचंद्र पटेल ने हादसे के बाद कांपती आवाज में बताया कि गाय अचानक सामने आ गई थी। उन्होंने उसे बचाने के लिए ब्रेक लगाया, लेकिन टायर फटते ही बस अनियंत्रित हो गई। चालक के मुताबिक, “उस पल ऐसा लगा जैसे सामने साक्षात मौत खड़ी हो, कुछ समझ नहीं आया और बस पेड़ से टकरा गई।”
पुलिस जांच में जुटी, हादसे के कारणों की पड़ताल जारी
घटना की सूचना मिलते ही पार्वती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक और टायर फटने की वजह सामने आई है। हालांकि तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि हादसे में लापरवाही का कोई एंगल तो नहीं है। आष्टा थाने के एसआई अजय कांत दीक्षित ने बताया गाय को बचाने में बस का टायर भी फटा और पेड़ से टकरा गई। हादसे में बस के हैल्पर की मौके पर ही मौत हो गई।वहीं, सभी यात्री सुरक्षित है। मामले में जांच जारी है।
हाईवे पर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर मवेशियों की मौजूदगी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जहां जानवरों को बचाने की कोशिश में बड़े हादसे हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
एक झटके में उजड़ गया परिवार
सुनील मुकाती की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रोजी-रोटी के लिए बस में हेल्पर का काम करने वाला सुनील अब कभी घर नहीं लौटेगा। परिजनों को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में मातम छा गया। यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों का अंत बन गया।

परिजन।

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