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MP News: लखनादौन नगर परिषद में 83 लाख की अनियमितता, अध्यक्ष व दो पूर्व सीएमओ समेत 23 पर ईओडब्ल्यू का केस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: सिवनी ब्यूरो Updated Tue, 03 Mar 2026 08:20 PM IST
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सार

सिवनी जिले के लखनादौन नगर परिषद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में करीब 83 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। ईओडब्ल्यू ने नगर परिषद अध्यक्ष और दो पूर्व सीएमओ सहित 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Rs 83 lakh malpractices in Lakhnadaun, 23 booked
नगर परिषद अध्यक्ष जिन पर मामला दर्ज हुआ।
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विस्तार

सिवनी के लखनादौन नगर परिषद के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में करीब 83 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने जांच के बाद नगर परिषद अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर दुकानों का आवंटन किया गया, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई।

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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की जांच जबलपुर निवासी रविंद्र सिंह आनंद की शिकायत पर शुरू की गई। जांच में पाया गया कि 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच कई दुकानदारों को बिना पूरी नीलामी राशि जमा कराए और बिना वैधानिक अनुबंध के ही दुकानों का कब्जा दे दिया गया। कुल 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये जमा नहीं किए। इसके अतिरिक्त परिषद लगभग 2.88 लाख रुपये किराया भी वसूल नहीं कर सकी।

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नियमों की अनदेखी
नगर परिषद ने चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी की थी। नियमों के अनुसार, सफल बोलीदाता को 21 दिनों के भीतर 25 प्रतिशत राशि जमा करना अनिवार्य था। 120 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी थी। विधिवत अनुबंध निष्पादित कर मासिक किराया तय किया जाना था। जांच में सामने आया कि इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

आरक्षित दुकान के आवंटन पर भी सवाल
जांच में यह भी पाया गया कि आरक्षित वर्ग की दुकान क्रमांक 7 को नियमों के विपरीत वैभव दुबे को आवंटित कर दिया गया। नियमानुसार किसी दुकान को अनारक्षित करने के लिए तीन बार नीलामी विफल होना आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।


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इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

आरोपियों में गजेन्द्र पाण्डे, गीता वाल्मीक (दोनों पूर्व सीएमओ), रवि झारिया (राजस्व उप निरीक्षक), मीना बलराम गोल्हानी (अध्यक्ष), देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे सहित कुल 23 लोग शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है। आवश्यक साक्ष्य मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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