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Seoni News: बाघ-तेंदुए का आतंक बढ़ा, महुआ सीजन में जंगल जाने से डरे ग्रामीण, नाबालिग पर हमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
Published by: सिवनी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:55 PM IST
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सार
बाघ और तेंदुओं के बढ़ते हमलों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण महुआ सीजन होने के बावजूद जंगल जाने से कतराने लगे हैं। हाल ही ग्रामीणों पर हुए हमले के बाद दहशत का माहौल है।
घटनास्थल पर जांच करते वन विभाग के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के वन विकास निगम के बहरई परिक्षेत्र में इन दिनों बाघ और तेंदुए के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि महुआ सीजन होने के बावजूद लोग जंगल और खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।
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नाबालिग पर तेंदुए का हमला
हाल ही में गांगपुर गांव में घर के बाहर सो रहे एक नाबालिग पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। परिजनों के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग गया, जिससे बच्चे की जान बच गई। घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है।
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बाघ के हमलों में दो ग्रामीणों की मौत
इधर क्षेत्र में महुआ बीनने के दौरान भी बाघ के हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। डोरली निवासी विनोद उइके सहित दो ग्रामीणों की अब तक मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने जंगल जाना लगभग बंद कर दिया है। बता दें कि महुआ बीनने का यह समय चरम पर है लेकिन जान के खतरे और मवेशियों पर हमले की आशंका के चलते लोग जंगलों से दूरी बना रहे हैं। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
20 कैमरा ट्रैप, फिर भी नहीं मिला सुराग
वन विभाग ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए जंगल के विभिन्न हिस्सों में करीब 20 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। साथ ही वन अमला लगातार गश्त और सर्चिंग अभियान चला रहा है लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी बाघ का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी रवि गेडाम के अनुसार बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सटीक लोकेशन मिलते ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएंगे।
लगातार हो रही घटनाओं और अब तक इनका कोई ठोस समाधान न निकलने से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द ही मामले में राहत देने की मांग की है।

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