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Shahdol News: दो महीने बाद दर्ज हुई FIR, करोड़ों की निवेश ठगी में अब एक्शन; एसपी ने बनाई विशेष जांच टीम
Wed, 22 Jul 2026 10:53 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:53 AM IST
सार
शहडोल में करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी के मामले में बुढ़ार पुलिस ने दो महीने बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है।
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बैठक में उपस्थित अधिकारी।
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विस्तार
शहडोल में करोड़ों रुपये की कथित निवेश ठगी के मामले में आखिरकार बुढ़ार पुलिस ने दो महीने बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना के लिए विशेष टीम गठित की है। यह मामला जीएनएस फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिस पर निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गोपालपुर करकटी निवासी मगनयन सिंह ने 19 मई को बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें सामने आया कि कंपनी के संचालकों ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाकर रकम जमा कराई। आरोप है कि बाद में ग्राहकों की अनुमति के बिना उनके डीमैट खातों में ट्रेडिंग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
जांच के बाद बुढ़ार थाने में कंपनी से जुड़े आरोपियों सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव, विजय पाल और मोहम्मद अनीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अब दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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ये भी पढ़ें- Live MP Assembly Session live: एमपी विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन, सदन में इन-इन मुद्दों पर होगी चर्चा
पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराधों की समीक्षा बैठक में इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना सुनिश्चित की जा सके।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में संभागायुक्त के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया तेज हुई। वहीं, कई पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोग लंबे समय से फरार हैं और कार्यालय भी बंद पड़ा है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि विशेष जांच टीम आरोपियों तक कब पहुंचती है और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कितनी तेजी दिखा पाती है।
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पुलिस के अनुसार, गोपालपुर करकटी निवासी मगनयन सिंह ने 19 मई को बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें सामने आया कि कंपनी के संचालकों ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाकर रकम जमा कराई। आरोप है कि बाद में ग्राहकों की अनुमति के बिना उनके डीमैट खातों में ट्रेडिंग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
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जांच के बाद बुढ़ार थाने में कंपनी से जुड़े आरोपियों सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव, विजय पाल और मोहम्मद अनीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अब दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराधों की समीक्षा बैठक में इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना सुनिश्चित की जा सके।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में संभागायुक्त के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया तेज हुई। वहीं, कई पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोग लंबे समय से फरार हैं और कार्यालय भी बंद पड़ा है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि विशेष जांच टीम आरोपियों तक कब पहुंचती है और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कितनी तेजी दिखा पाती है।
