Indore:ताई ने लिखी रेलवे जीएम को चिट्ठी, ऐसा लग रहा है, पश्चिमी रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया
इंदौर की रेल सुविधाओं की अनदेखी को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एक बार फिर मुखर हुई हैं। उन्होंने पश्चिम रेलवे के जीएम रामश्रय पांडे को पत्र लिखकर शहर के साथ हो रही उपेक्षा पर नाराजगी जताई।
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इंदौर की रेल सुविधाओं को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एक बार फिर मुखर हुई हैं। उन्होंने पश्चिम रेलवे के जीएम रामश्रय पांडे को पत्र लिखकर शहर की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। महाजन ने पत्र में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। यात्री गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय अन्य रेलवे जोनों से मिले प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।
महाजन ने लिखा कि उत्तर पश्चिम रेलवे की जयपुर-इंदौर और पश्चिम मध्य रेलवे की रीवा-इंदौर ट्रेन के प्रस्ताव अब तक लंबित हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक भी इंदौर से हटा लिया गया, जबकि उसकी जगह पुराने डेमू रैक चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर खराब हो जाते हैं।
उन्होंने पत्र में पुणे ट्रेन के लंबे समय से बंद रहने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस ट्रेन को वैकल्पिक मार्ग से चलाने के बजाय अजमेर और ग्वालियर की ट्रेनों का संचालन वैकल्पिक मार्ग से किया जा रहा है। इसके अलावा पटना और गुवाहाटी जाने वाली ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। वहीं त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस की 625 प्रतिशत से अधिक उपयोगिता होने के बावजूद उसके फेरे नहीं बढ़ाए गए। महू-उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन सेवा और अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
सुमित्रा महाजन ने पत्र में कहा कि लक्ष्मीबाई नगर में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में अतिरिक्त लाइन क्षमता व रखरखाव की व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद प्लेटफॉर्म और लाइन की कमी का तर्क दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि करीब 40 लाख की आबादी वाले क्षेत्र के लिए क्या यह रेल सुविधाएं पर्याप्त हैं।
पत्र के अंत में उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि कई बार ऐसा लगता है कि इससे अच्छा कोई सुविधा न होना ही बेहतर होता। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शब्दों के बीच छिपी उनकी पीड़ा को समझेंगे और इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
