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Shajapur News: हेलीकॉप्टर से तीन बार हांका लगाकर अब तक 148 कृष्णमृग को पकड़ा, गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: शाजापुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Oct 2025 10:44 AM IST
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सार
दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस और वन विभाग की टीम ने शाजापुर जिले में अब तक 148 कृष्णमृगों को पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा है। यह देश का पहला ऐसा अभियान है, जिसका लक्ष्य 400 कृष्णमृग और 100 नीलगायों को सुरक्षित वन क्षेत्र में स्थानांतरित करना है।
शाजापुर जिले में हिरणों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस की टीम एवं वन विभाग की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर और बोमा से कृष्णमृगों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें तीन बार में 148 कृष्णमृग को पकड़कर गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर छोड़ा गया है।
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वनमंडलाधिकारी देवास एवं अभियान प्रभारी वीरेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि गुरुवार को शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के लसूड़िया घाघ एवं निपनिया खुर्द में बोमा लगाया गया। लसूड़िया कला, निपनिया खुर्द, बदरपुर, पोचनेर गाँव से 69 कृष्णमृगोंको किसानो के खेतों से पकड़कर गाँधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के जंगल में छोड़ा गया। इस अभियान के तहत अब तक 148 कृष्णमृगों को पकड़कर अन्यत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया। इससे किसानों को होने वाले फसल नुकसान में कमी आएगी। इस तरह का देश में ये प्रथम अभियान है। यह अभियान अगले 05 नवम्बर तक शाजापुर जिले में चलाया जाएगा। अभियान में मुख्य वन संरक्षक उज्जैन एमआर बघेल द्वारा बोमा क्षेत्र में उपस्थित रहकर कृष्णमृगों को पकड़ने की कार्रवाई का निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया। आने वाले दिनों में यह अभियान शाजापुर जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। साथ ही साथ नीलगायो को भी पकड़कर अन्य वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा।
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400 कृष्णमृग और 100 नीलगाय पकड़ने का लक्ष्य
अभियान में कुल 400 कृष्णमृग और 100 नीलगाय पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। गुरुवार तक 148 कृष्ण मृग पकड़कर गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य मंदसौर के जंगल में छोड़े गए हैं। अभियान में अब तक तीन बार हेलीकॉप्टर से हांका लगाया गया है। तीनों ही बार कृष्ण मृग पकड़े गए हैं। अब तक एक भी नीलगाय नहीं पकड़ी जा सकी है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान में दस स्थान चिन्हित किए गए हैं। जहां से इन्हें पकड़ा जाएगा।
किसानों को मिलेगी राहत
वर्षों से किसान फसलों में हिरण, नीलगाय और रोजड़े के झुंडों से परेशान थे। ये वन्यजीव गेहूं, चना, मसूर, प्याज, लहसुन जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार किसानों ने ज्ञापन देकर शासन से कार्रवाई की मांग की थी। कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने इस समस्या को गंभीरता से समझा। इस अभियान के प्रारंभ होने में उनके विशेष प्रयास महत्वपूर्ण हैं। शुजालपुर से लेकर कालापीपल विधानसभा तक 10 स्थानों को चिन्हित किया गया है जिनमें उमरसिंगी, खड़ी रोड, इमलीखेड़ा, भानियाखेड़ी, डुगलाय, अरनियाकलां सहित अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में बोमा पद्धति से नीलगाय और कृष्ण मृग इस अभियान में पकड़े जाने हैं।

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