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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Female TI gave a befitting reply to the Minister of State, debate broke out over the chaos in the fair.

MP: टीआई यास्मीन ने राज्य मंत्री सीताराम को खुले मंच से दिया ये जवाब, इस मामले को लेकर छिड़ी बहस; अब आगे क्या?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर Published by: श्योपुर ब्यूरो Updated Tue, 31 Mar 2026 07:08 PM IST
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सार

श्योपुर के पनवाड़ा माता मेले में मंच से राज्य मंत्री सीताराम आदिवासी और टीआई यास्मीन खान के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई। चलिए आपको बता रहे हैं ये पूरा मामला क्या है?

Female TI gave a befitting reply to the Minister of State, debate broke out over the chaos in the fair.
राज्य मंत्री सीताराम आदिवासी और टीआई यास्मीन खान का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

श्योपुर जिले में आयोजित पनवाड़ा माता मेले के दौरान उस वक्त अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब मंच से ही राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम आदिवासी और कराहल थाना प्रभारी (टीआई) यास्मीन खान के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। इसकी पूरे इलाके में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
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दरअसल, मेले में व्यवस्थाओं को लेकर राज्य मंत्री सीताराम आदिवासी ने मंच से नाराजगी जाहिर की। अपने संबोधन में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सीधे तौर पर टीआई यास्मीन खान की ओर इशारा करते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि “फालतू नाटक नहीं करें, ऐसे टीआई कई आ चुके हैं और जा चुके हैं।” साथ ही उन्होंने जातिवाद के आरोप भी लगाए और कहा कि उनके आने के बाद से क्षेत्र में घटनाएं बढ़ी हैं।
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किसी ने नहीं उठाया हाथ
मंत्री के इन आरोपों के बाद माहौल अचानक गर्म हो गया। मंच पर मौजूद टीआई यास्मीन खान ने बिना देर किए माइक संभाला और शांत लेकिन दृढ़ स्वर में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि “यहां बैठे अधिकांश लोगों को पुलिस की कार्यप्रणाली से कोई शिकायत नहीं होगी। यदि किसी को शिकायत है तो वह हाथ उठाकर बता सकता है।” उनके इस सवाल पर सभा में सन्नाटा छा गया।

'पुलिस वालों ने अपनी ड्यूटी निभाई है'
टीआई ने आगे कहा कि पुलिस स्टाफ ने पूरे दिन कड़ी धूप में, बिना भोजन के भी अपनी ड्यूटी निभाई है, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत हितों या निजी द्वेष के कारण पूरे पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगत कारणों से मंत्री के कान भर रहा है, तो यह स्थिति को और बिगाड़ने वाला है।

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यास्मीन ने खुले मंच से मंत्री को सख्त जवाब दिया
इस घटनाक्रम ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। आमतौर पर मंच से इस तरह की सीधी प्रतिक्रिया कम ही देखने को मिलती है, खासकर जब मामला एक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी के बीच हो। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई कि महिला पुलिस अधिकारी ने खुले मंच से मंत्री को सख्त जवाब देकर अपनी बात मजबूती से रखी।

गौरतलब है कि सीताराम आदिवासी पहले भी अपनी ही पार्टी में उपेक्षा और अधिकारियों द्वारा अनदेखी किए जाने की शिकायत कर चुके हैं। ऐसे में यह पूरा घटनाक्रम उनके लिए एक असहज स्थिति लेकर आया है। वहीं, पुलिस विभाग की ओर से टीआई के जवाब को उनके आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के रूप में देखा जा रहा है।
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