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विजयपुर सीट पर सियासी संग्राम: हाईकोर्ट से झटका, अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई; 19 मार्च को होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर Published by: श्योपुर ब्यूरो Updated Tue, 17 Mar 2026 09:34 PM IST
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सार

विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट द्वारा चुनाव रद्द करने के बाद 19 मार्च को सुनवाई होगी। मल्होत्रा को 20 मार्च तक स्टे लाना जरूरी है, वरना उनकी विधायकी खतरे में पड़ सकती है।

Vijaypur Assembly case will be heard in the Supreme Court on 19th.
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार

मध्यप्रदेश की राजनीति में चर्चित विजयपुर विधानसभा सीट का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट 19 मार्च को विधायक मुकेश मल्होत्रा की याचिका पर सुनवाई करेगा। मल्होत्रा के अनुसार, इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की पीठ करेगी।

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गौरतलब है कि ग्वालियर हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था और भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजेता माना था। 9 मार्च को हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मल्होत्रा का चुनाव रद्द करते हुए उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिन का समय दिया था, जिसकी अवधि 24 मार्च को पूरी होगी। ऐसे में 19 मार्च की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।

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पढ़ें: बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा झटका: तहसीलदार अमिता तोमर को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी

ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने अपने फैसले में कहा था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव में नामांकन के दौरान केवल 4 आपराधिक मामलों की जानकारी दी, जबकि उनके खिलाफ कुल 6 मामले दर्ज थे। दो मामलों की जानकारी छिपाना चुनावी नियमों का उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर कोर्ट ने रामनिवास रावत को विजयपुर का विधायक घोषित करने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के फैसले के तुरंत बाद मल्होत्रा ने अपील के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाती है। तकनीकी रूप से इस अवधि में रामनिवास रावत को विधायक पद की शपथ नहीं दिलाई जा सकती। मल्होत्रा को अपनी विधायकी बचाने के लिए 20 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से ‘स्टे’ हासिल करना जरूरी होगा। यदि सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा देता है, तो मल्होत्रा की विधायकी बरकरार रह सकती है।

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