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Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा के परिवार को अदालत से लगा झटका, दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग खारिज

Wed, 20 May 2026 06:59 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sabahat Husain Updated Wed, 20 May 2026 06:59 PM IST
सार

Twisha Sharma Case: भोपाल जिला अदालत ने त्विषा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कटारा हिल्स पुलिस को निर्देश दिए कि शव को डीकंपोज होने से बचाने के लिए प्रदेश की संसाधनयुक्त मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए।

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Twisha Sharma Case Court put a stay on the second post-mortem
त्विषा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में रहने वाली त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने त्विषा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। त्विषा शर्मा का 13 मई को भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पोस्टमार्टम किया गया था और उसकी रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। इसी संबंध में उन्होंने जिला अदालत में याचिका दायर की थी।

क्या कहा कोर्ट ने?
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि पहला पोस्टमार्टम भोपाल एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में किया गया है और मामले की जांच अभी जारी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 197 के तहत जिला अदालत को अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार यानी भोपाल से बाहर, जैसे दिल्ली या प्रदेश के अन्य शहर में जांच या पोस्टमार्टम कराने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। अदालत के इस फैसले से परिजनों को बड़ा झटका लगा है। अब माना जा रहा है कि परिजन इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

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क्यों उठी थी मांग?
दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट और संघर्ष के कुछ निशान मिलने के बाद परिजन दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हुए थे। इस संबंध में परिजनों ने दो दिन पहले भोपाल जिला अदालत में याचिका दायर की थी। बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई शुरू हुई और अदालत ने फैसला सुनाया है। जिसमें दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी है।
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पुलिस ने क्या पत्र दिया था?
बता दें कि कटारा हिल्स थाना पुलिस ने त्विषा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा को एक पत्र भेजा है। यह पत्र जिला अदालत में सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले दिया गया था।पत्र में कहा गया है कि एम्स भोपाल में ट्विशा का शव माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है। शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है, लेकिन यह सुविधा एम्स भोपाल में उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि उसे दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव को डिकम्पोज होने से बचाने के लिए परिजन जल्द शव प्राप्त कर लें।




पढ़ें:  क्या सड़ रही है ट्विशा की बॉडी? पुलिस ने पत्र लिखकर किया आगाह, नौ दिन से AIIMS में है शव

रिटायर्ड जज गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए पत्र
इधर, त्विषा के परिजन ने रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए राज्यपाल डॉ. मंगू भाई पटेल को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि गिरीबाला पर दहेज हत्या की FIR दर्ज है, इसलिए उन्हें पद से हटाया जाए। गिरीबाला सिंह फिलहाल डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं। 

पति समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
भोपाल पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने कहा- एसआईटी हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सेकंड पोस्टमॉर्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। त्विषा के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने के हैं। मौत के बाद दो दिन के भीतर ही एफआईआर भी दर्ज कर ली गई थी।

विभागीय मंत्री बोले-कानूनी पहलुओं पर सरकार लेगी संज्ञान
रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बैंच-2 की न्यायाधीश से हटाने के लिए परिजनों द्वारा राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखे जाने पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि इस संबंध में विभाग के एसीएस से चर्चा कर मुख्य सचिव तक मामला पहुंचाया जाएगा। इसके बाद सरकार स्तर पर कानूनी पहलुओं पर संज्ञान लिया जाएगा कि उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश को हटाया जा सकता है या नहीं। ज्ञात हो कि उपभोक्ता फोरम खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है। फोरम द्वारा सुनाए जाने वाले फैसले में मुआवजे का कमीशन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अंतर्गत जाता है। गिरिबाला सिंह दहेज हत्या के मामले में अग्रिम जमानत पर हैं।



समर्थ सिंह पर 30 हजार का इनाम घोषित
इधर रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बेटे व त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह दहेज हत्या के मामले में फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है, ताकि देश छोड़कर भागने की स्थिति में भी पकड़ा जाए। भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह पर अभी तक 10 हजार का इनाम घोषित किया था। बुधवार को भोपाल पुलिस आयुक्त ने समर्थ सिंह पर ईनाम की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार कर दी है। पुलिस आयुक्त ने दहेज हत्या की जांच कर रही एसआईटी को निर्देश दिए हैं कि साइबर पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ अन्य जिलों की मदद से आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। समर्थ की गिरफ्तारी के लिए भोपाल पुलिस की छह टीमें लगी हुई हैं।

सीएम यादव से मिले ट्विशा के परिजन
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