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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Thousands Throng Ujjain’s Mahakaleshwar Temple for Bhasma Aarti on Hariyali Amavasya

Ujjain: हरियाली अमावस्या पर बाबा महाकाल ने धारण किया दिव्य स्वरूप, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Wed, 12 Aug 2026 07:30 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 12 Aug 2026 07:30 AM IST
सार

हरियाली अमावस्या पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु उमड़े। रात 3 बजे शुरू हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल का हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण और दिव्य दर्शन के दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।

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Thousands Throng Ujjain’s Mahakaleshwar Temple for Bhasma Aarti on Hariyali Amavasya
भस्म आरती दर्शन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर आज बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए रात 3 बजे जागे। जिनका आलौकिक शृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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तीन बजे शुरू हुई भस्म आरती
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या तिथि पर आज रात 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप में श्रृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती हुई।
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आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि आज बाबा महाकाल को हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से श्रृंगारित किया गया, जिसके बाद बाबा महाकाल का आलौकिक स्वरूप नजर आया। इन आलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। इस दौरान मंदिर में ‘जय श्री महाकाल’ की गूंज गुंजायमान हो गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
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यह है आरती का समय
भस्म आरती: सुबह 3 से 6 बजे तक
दध्योदक आरती: प्रातः 7 से 7:45 बजे तक
भोग आरती: प्रातः 10 से 10:45 बजे तक
संध्या पूजन: सायं 5 से 5:45 बजे तक
संध्या आरती: सायं 7 से 7:45 बजे तक
शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11 बजे तक

महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।

 

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