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Iran-US War: कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान के हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत, भांजी की शादी के लिए लौट रहे थे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 09:08 AM IST
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सार
उज्जैन के राज रॉयल कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय मंजूर अहमद की कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन-मिसाइल हमले में मौत हो गई। वे 8 जून को भांजी की शादी में शामिल होने भारत लौट रहे थे। 30 वर्षों से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे मंजूर की मौत से परिवार और क्षेत्र में शोक छा गया।
कुवैत एयरपोर्ट पर हमले में मंजूर अहमद की मौत हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
घर में शहनाई बजने वाली थी, रिश्तेदार जुट रहे थे, लेकिन जिसका सबसे ज्यादा इंतजार था वही कभी नहीं लौटेगा। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में उज्जैन के 50 वर्षीय मंजूर अहमद की मौत हो गई।
बताया जाता है कि मंजूर अहमद पिछले 30 साल से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे थे। 8 जून को उनकी भांजी की शादी थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए वे भारत लौट रहे थे। परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम पापा से आखिरी बार बात हुई। बहुत खुश थे। बोले- मैं नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना। हम सब उनके स्वागत की तैयारी कर रहे थे। अनस ने यह भी बताया कि पापा 30 साल से हमसे दूर सिर्फ हमारे बेहतर भविष्य के लिए मेहनत कर रहे थे। आखिरी बार अक्टूबर 2025 में घर आए थे। तब कहा था- अब जल्दी-जल्दी आता रहूंगा। क्या पता था कि यह आखिरी विदाई होगी।
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राज रॉयल कॉलोनी में मंजूर के घर शादी की तैयारियां चल रही थीं। रिश्तेदार पहुंच चुके थे। हमले की खबर मिलते ही खुशियां मातम में बदल गईं। पूरे इलाके में शोक की लहर है। याद रहे कि ईरान-अमेरिका युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है। अब तक इस संघर्ष में 10 भारतीय जान गंवा चुके हैं। विदेश मंत्रालय हालात पर नजर रखे हुए है।
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सुई धागे से सी रहे थे किस्मत
मंजूर पिछले 30 साल से कुवैत में सुई-धागे से किस्मत सी रहे थे। अपनों से हजारों मील दूर, सिर्फ इसलिए कि बेटे-बेटियों को कोई कमी न रहे। अक्टूबर 2025 में आखिरी बार आए थे। जाते वक्त वादा किया था- अब जल्दी-जल्दी आऊंगा। पर वादे निभाने का मौका ही नहीं मिला।
टर्मिनल-1 को बनाया निशाना
ईरान ने बुधवार को कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को निशाना बनाया। हमले में टर्मिनल पूरी तरह तहस-नहस हो गया। यात्री सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा। इस हमले में उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई। 63 अन्य लोग घायल हैं, जिनमें कर्मचारी और यात्री दोनों शामिल हैं।
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अहमदाबाद पहुंचेगा पार्थिव शरीर, बेबस परिवार ने सरकार से मांगी एंबुलेंस
कुवैत स्थित भारतीय दूतावास (एंबेसी) ने मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव को हवाई मार्ग से गुजरात के अहमदाबाद तक पहुंचाने में दूतावास परिवार की मदद कर रहा है। हालांकि, आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित परिवार के सामने अब एक नया संकट खड़ा हो गया है। दुखी परिवार का कहना है कि अहमदाबाद से पार्थिव शरीर को उज्जैन लाने की आर्थिक क्षमता उनकी नहीं है। ऐसे में बेबस परिजनों ने मध्य प्रदेश सरकार और उज्जैन जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें अहमदाबाद से उज्जैन तक के लिए एक एंबुलेंस मुहैया कराई जाए, ताकि वे समय पर शव को गृह नगर लाकर पूरे विधि-विधान और रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार कर सकें।
मंदिर विस्तारीकरण के दौरान मंजूर अहमद का आशियाना टूट गया
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ईरान के भीषण हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत के बाद से राज रॉयल कॉलोनी स्थित उनके घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नियती की मार देखिए कि महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण के दौरान मंजूर अहमद का आशियाना टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने जैसे-तैसे राज रॉयल कॉलोनी में नया मकान लिया और परिवार का जीवन-यापन कर रहे थे।

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