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मेहनत और लगन का मिला फल: प्रियंका सिंह मसराम बनीं सहायक प्राध्यापक, उमरिया में खुशी की लहर

Sun, 05 Jul 2026 02:34 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: उमरिया ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2026 02:34 PM IST
सार

उमरिया जिले के पाली विकासखंड के ग्राम कुमूर्दु की बहू प्रियंका सिंह मसराम ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सहायक प्राध्यापक (हिंदी) परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 

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Kumurdu Daughter-in-Law Cracks MPPSC, Becomes Assistant Professor
कुमूर्दु की बहू ने रचा इतिहास, MPPSC में चयनित होकर बनीं सहायक प्राध्यापक।

विस्तार

उमरिया के पाली विकासखंड के ग्राम कुमूर्दु की बहू प्रियंका सिंह मसराम ने बड़ी सफलता अर्जित की है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
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प्रियंका की सफलता केवल एक सरकारी नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलती सामाजिक सोच का प्रतीक भी है, जिसमें आदिवासी समाज की महिलाएं अब घर की चौखट से निकलकर शिक्षा, प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र, परिस्थिति या पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती।
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लोगों के सामने पेश की मिसाल
पाली विकासखंड प्रदेश के उन आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शामिल है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधान लागू हैं और पेसा अधिनियम प्रभावी है। लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े माने जाने वाले इस इलाके से सहायक प्राध्यापक जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रियंका सिंह मसराम की सफलता ने गांव की बेटियों और बहुओं में नई उम्मीद जगाई है। अब अभिभावक भी अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 

प्रियंका के पति सीईओ हैं
उल्लेखनीय है कि उनके पति धर्मपाल सिंह वर्तमान में जिला बैतूल की जनपद पंचायत मुलताई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत हैं। परिवार ने हमेशा शिक्षा और मेहनत को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज पूरे समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण के रूप में दिखाई दे रहा है।

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प्रियंका सिंह मसराम की सफलता पर परिवार, रिश्तेदारों, समाजजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है।

कुमूर्दु की इस बहू ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और परिवार का सहयोग मिले, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उमरिया जिले के लिए यह सफलता निश्चित रूप से एक ऐसी उपलब्धि है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर सकता है।
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