फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Can't Touch Mahakal? Visit Juna Mahakal Inside Temple Complex for Darshan and Abhishek

MP: महाकाल मंदिर का वो प्राचीन धाम, जहां हर श्रद्धालु कर सकता है शिवलिंग का स्पर्श; CM मोहन यादव ने की ये अपील

Sun, 02 Aug 2026 02:18 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sun, 02 Aug 2026 02:18 PM IST
सार

उज्जैन के महाकाल मंदिर में जहां गर्भगृह में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए संभव नहीं है, वहीं मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन जूना महाकाल मंदिर में वर्षभर भगवान शिव का स्पर्श, जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी श्रद्धालुओं से यहां दर्शन-पूजन करने की अपील कर चुके हैं।

विज्ञापन
Can't Touch Mahakal? Visit Juna Mahakal Inside Temple Complex for Darshan and Abhishek
महाकाल मंदिर प्रांगण में है, जूना महाकाल का दरबार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कालों के काल बाबा श्री महाकाल के दरबार में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन की अभिलाषा लेकर पहुंचते हैं। हर भक्त के मन में एक ही इच्छा होती है। बाबा महाकाल का स्पर्श करें, अपने हाथों से जल और पूजन सामग्री अर्पित करें। लेकिन विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित होने के कारण कई भक्तों की यह इच्छा अधूरी रह जाती है।

विज्ञापन

ऐसे श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है कि महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में ही अति प्राचीन जूना महाकाल मंदिर स्थित है। लोकमान्यता है कि राजा विक्रमादित्य की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें यहीं वृद्ध स्वरूप में दर्शन दिए थे। इसी कारण इसे जूना महाकाल कहा जाता है।

विज्ञापन

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां केवल श्रावण ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष श्रद्धालु भगवान शिव का स्पर्श कर सकते हैं। वे स्वयं जल चढ़ा सकते हैं, पंचामृत अभिषेक कर सकते हैं और पूजा-अर्चना भी कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'जो महाकाल का स्पर्श नहीं कर पाए, वह जूना महाकाल जरूर जाएं'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कहा है कि जो श्रद्धालु बाबा महाकाल का स्पर्श नहीं कर पाए या पंचामृत अभिषेक नहीं कर सके, वे निराश न हों। महाकाल मंदिर प्रांगण में ही स्थित जूना महाकाल के प्राचीन मंदिर में वे भगवान शिव के वृद्ध स्वरूप के दर्शन, पूजन और पंचामृत अभिषेक कर सकते हैं। मंदिर में अभिषेक कराने वाले पंडित आकाश रावल बताते हैं कि जूना महाकाल की महिमा अत्यंत निराली है। यहां आकर पूजन-अर्चन करने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

जानिए, कितना प्राचीन है जूना महाकाल?
इतिहासकारों के अनुसार, इस मंदिर का वर्तमान स्वरूप लगभग 287 वर्ष पुराना है। वहीं, महाकालेश्वर मंदिर का वर्तमान स्वरूप वर्ष 1732 में सिंधिया राजवंश के सचिव रामचंद्र बाबा शेंडवी ने बनवाया था। इसके बाद समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार और विकास कार्य किए गए।



ये भी पढ़ें- MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की नई चाल, 4 अगस्त से भारी बारिश की वापसी, कई जिलों के लिए चेतावनी

इतिहास में उल्लेख मिलता है कि इससे लगभग एक हजार वर्ष पहले राजा भोज के वंशज उदयादित्य ने भी महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। वहीं, यह भी उल्लेख है कि ईसा पूर्व उज्जैन के राजा चंद्रप्रद्योत भी यहां पूजा-अर्चना करने आते थे। इससे स्पष्ट होता है कि उस समय भी यहां भगवान शिव का प्राचीन मंदिर विद्यमान था।

 

महाकाल मंदिर प्रांगण मे है जूना महाकाल का दरबार

महाकाल मंदिर प्रांगण में है जूना महाकाल का दरबार।

 

महाकाल मंदिर प्रांगण मे है जूना महाकाल का दरबार

महाकाल मंदिर प्रांगण में है, जूना महाकाल का दरबार।

 

महाकाल मंदिर प्रांगण मे है जूना महाकाल का दरबार

महाकाल मंदिर प्रांगण में है, जूना महाकाल का दरबार।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed