फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   vidisha-school-children-risk-life-cross-stopdam-daily-demand-bridge-high-school

5KM बचाने के लिए मौत से मुकाबला! विदिशा में स्टॉपडैम लांघकर स्कूल जाते हैं बच्चे, पुल व हाईस्कूल की मांग तेज

Tue, 04 Aug 2026 02:09 PM IST
विदिशा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: विदिशा ब्यूरो Updated Tue, 04 Aug 2026 02:09 PM IST
सार

विदिशा में चार गांवों के स्कूली बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर स्टॉपडैम पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने रास्ता बंद कर दिया है और स्कूल अपग्रेडेशन व पुल निर्माण के विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है। पढ़ें व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली यह पूरी खबर

विज्ञापन
vidisha-school-children-risk-life-cross-stopdam-daily-demand-bridge-high-school
विदिशा में रोज मौत के मुहाने से गुजरते हैं स्कूली बच्चे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा से सामने आया एक वीडियो सरकार के विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है। वीडियो में जिले के चार गांवों के स्कूली बच्चे नदी पर बने स्टॉपडैम को लांघकर स्कूल जाते दिख रहे हैं। कहीं पैर फिसला तो सीधे गहरे पानी में गिर सकते हैं। जान जोखिम में डालकर स्कूल तक का सफर तय करते हैं। 
विज्ञापन


आर्थिक तंगी के चलते रोज वाहन की सुविधा संभव नहीं
मिली जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगे बंधेरा, ककरुआ, इमलिया और बेहलोट गांवों के बच्चे हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए रोज पलोह जाते हैं। नदी पर बने स्टॉपडैम से होकर दूरी महज पांच किलोमीटर है।
विज्ञापन


लेकिन अगर सड़क मार्ग से जाएं तो एक तरफ 15 किमी, आने-जाने में 30 किमी का सफर करना पड़ेगा। गांव वाले बताते हैं कि आर्थिक तंगी के चलते रोज वाहन की सुविधा संभव नहीं। नतीजा, बच्चे जान जोखिम में डालकर रोज उसी स्टॉपडैम को रास्ता बना लेते हैं। स्टॉपडैम के बीच चार फीट का गैप है, जिसे बच्चे छलांग लगाकर पार करते हैं। नीचे तेज बहाव। जरा सी चूक और हादसा तय।
विज्ञापन
विज्ञापन


खतरे में बच्चों की जान
स्थानीय लोगों का कहना है कि डर के कारण कई बच्चों ने 8वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी। अभिभावक भेजना चाहते हैं, पर रास्ते की दहशत उन्हें रोक लेती है। बीते दिनों मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। विदिशा एसडीएम क्षितिज शर्मा तहसीलदार और अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति देखकर उन्होंने माना कि बच्चों की जान खतरे में है।


ये भी पढ़ें- MP Politics: दतिया की सियासत में नया मोड़, पूर्व विधायक ने भीतरघात और सांठगांठ का किया दावा; खोल दिया राज

सुरक्षा के नाम पर प्रशासन ने स्टॉपडैम के रास्ते पर कटीली झाड़ियां और तार लगाकर आवाजाही रोक दी। इसका असर यह हुआ कि शनिवार को पलोह स्कूल कई बच्चे नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों की दो ही मांग है। पहला, बंधेरा के स्कूल को हाईस्कूल में अपग्रेड किया जाए ताकि बच्चों को दूर न जाना पड़े। दूसरा, इसी स्टॉपडैम की जगह एक पक्का पुल बना दिया जाए। एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। स्कूल अपग्रेडेशन और वैकल्पिक मार्ग के विकल्पों पर विचार चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed