Vidisha News: गंजबासौदा में युवक की हत्या से आक्रोश; शव रखकर किया चक्काजाम, आरोपियों को फांसी की मांग
गंजबासौदा के 18 वर्षीय कन्हैयालाल अहिरवार की संदिग्ध हत्या के बाद शहर में आक्रोश फैल गया। परिजनों और समाजजनों ने शव रखकर चक्काजाम किया तथा हत्यारों को फांसी और परिवार को सरकारी सहायता की मांग की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीन टीमें गठित की हैं और जांच जारी है।
गंजबासौदा के 18 वर्षीय कन्हैयालाल अहिरवार की संदिग्ध हत्या के बाद शहर में आक्रोश फैल गया। परिजनों और समाजजनों ने शव रखकर चक्काजाम किया तथा हत्यारों को फांसी और परिवार को सरकारी सहायता की मांग की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीन टीमें गठित की हैं और जांच जारी है।
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गंजबासौदा नगर शुक्रवार को गम और गुस्से से उबल पड़ा। उदयपुर की जिंद बाबा पहाड़ी पर 18 वर्षीय कन्हैयालाल अहिरवार की लाश मिलने के बाद परिजनों और समाजजनों का सब्र टूट गया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गंज पहुंचा, आक्रोशित लोगों ने जय स्तंभ चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। हत्यारों को फांसी देने और पीड़ित परिवार की एक बहन को सरकारी नौकरी देने की मांग पर लोग अड़ गए। करीब एक घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। सूचना पर सिटी थाना प्रभारी संजय वेदियां दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर जाम खुलवाया।
कन्हैयालाल गंज मोहल्ले का रहने वाला था। चार बहनों में इकलौता भाई था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। ई-रिक्शा चलाकर वह परिवार का पेट पाल रहा था। परिजनों ने बताया कि 1 जून की शाम वह उदयपुर सवारी छोड़ने गया था। रात तक घर न लौटने पर मोबाइल लगाया तो पहले घंटी गई, फिर फोन बंद हो गया। चिंतित परिजनों ने अगले दिन देहात थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
गुरुवार शाम उदयपुर की जिंद बाबा पहाड़ी पर एक शव पड़े होने की सूचना मिली। सिटी और देहात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिनाख्त की तो वह कन्हैयालाल निकला। शरीर पर चोट के निशान थे। उसका ई-रिक्शा परसौरा गांव के पास लावारिस हालत में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
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शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। शव घर पहुंचते ही मोहल्ले में मातम पसर गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ शव लेकर जय स्तंभ चौक पहुंची और मुख्य मार्ग पर रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि कन्हैयालाल सीधा-सादा लड़का था। उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। दिन-रात मेहनत कर बहनों और मां का सहारा बना था। उसकी हत्या करने वालों को फांसी मिलनी चाहिए।
चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। सिटी थाना प्रभारी संजय वेदियां ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद परिजन शव उठाने को राजी हुए और जाम समाप्त हुआ।
पुलिस के मुताबिक घटना की जांच के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। साइबर सेल मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाल रही है। ई-रिक्शा मिलने वाले स्थान के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला लूट के बाद हत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। कन्हैयालाल की मौत से उसकी चार बहनों और मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार की आर्थिक मदद के साथ एक बहन को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

युवक की मौत पर समाज के लोग का फूटा गुस्सा

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