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अनाज मंडी में एसडीएम की अचानक दबिश से हड़कंप: 580 बोरी अनाज से भरे दो ट्रक जब्त, सात लाख का माल पकड़ाया
Wed, 19 Aug 2026 08:01 AM IST
विदिशा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: विदिशा ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 08:01 AM IST
सार
विदिशा के सिरोंज कृषि उपज मंडी में एसडीएम की कार्रवाई के दौरान 580 बोरी सरकारी गेहूं से भरे दो ट्रक पकड़े गए हैं। प्रारंभिक जांच में गेहूं वर्ष 2022-23 की सरकारी खरीदी का बताया गया है। करीब सात लाख रुपये कीमत के गेहूं को जब्त कर एसडीएम कार्यालय परिसर में भेज दिया गया है।
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सात लाख का सरकारी गेहूं पकड़ाया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
विदिशा जिले की सिरोंज कृषि उपज मंडी में मंगलवार को एक बड़ी कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ। एसडीएम की अचानक की गई कार्रवाई में 580 बोरी सरकारी गेहूं से भरे दो ट्रक पकड़े गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गेहूं वर्ष 2022-23 की सरकारी खरीदी का है और इसे अवैध तरीके से बेचने की तैयारी चल रही थी।
एक ट्रक से दूसरे ट्रक में गेंहू शिफ्ट किया जा रहा था
जानकारी के मुताबिक, सिरोंज मंडी स्थित एक निजी गल्ला फर्म के परिसर में एक ट्रक से दूसरे ट्रक में गेहूं शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान एसडीएम ओम नारायण बडकुल को सूचना मिली। उन्होंने तत्काल टीम के साथ दबिश देकर दोनों वाहनों को रोक लिया। मौके पर पहुंचे नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने बोरियों की जांच की। बोरियों पर लगी पैकिंग, टैग और मार्किंग देखकर पुष्टि हुई कि यह माल पूरी तरह सरकारी है। बताया जा रहा है कि यह गेहूं विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र की भगवानपुर सेवा सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। पूछताछ में ट्रक चालक वसीम खान ने बताया कि गेहूं शमशाबाद से लाया गया है और यह एक स्थानीय व्यापारी की फर्म का है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित फर्म शमशाबाद नगर परिषद अध्यक्ष भारती माहेश्वरी के परिजन से जुड़ी बताई जा रही है।
जब्त गेहूं को एसडीएम कार्यलय भिजवाया
एसडीएम ने दोनों ट्रकों सहित 580 बोरी गेहूं को जब्त कर मंडी से एसडीएम कार्यालय परिसर में भिजवा दिया। जब्त गेहूं की बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। एसडीएम ने मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मंडी में अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद अवैध लेनदेन की कोशिश की जा रही थी। एसडीएम की इस तत्परता से मंडी में हड़कंप मच गया। व्यापारियों और किसानों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।
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ये भी पढ़ें- MP: भाई की मौत का शक, बुजुर्ग महिला को बताया ‘डाकन’, रात में घर में घुसकर की हत्या…फिर तालाब में फेंका शव
दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्रामीणों द्वारा राशन के हक की आवाज उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कांग्रेस के संयुक्त सचिव सुरेंद्र रघुवंशी भी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। नागरिक आपूर्ति अधिकारी ने मौके पर जांच के बाद बताया कि बोरियों की पहचान सरकारी स्टॉक से ही हुई है। अब पूरे लेनदेन का रिकॉर्ड और परिवहन के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। एसडीएम ओम नारायण बडकुल ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शासकीय अनाज की कालाबाजारी प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
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एक ट्रक से दूसरे ट्रक में गेंहू शिफ्ट किया जा रहा था
जानकारी के मुताबिक, सिरोंज मंडी स्थित एक निजी गल्ला फर्म के परिसर में एक ट्रक से दूसरे ट्रक में गेहूं शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान एसडीएम ओम नारायण बडकुल को सूचना मिली। उन्होंने तत्काल टीम के साथ दबिश देकर दोनों वाहनों को रोक लिया। मौके पर पहुंचे नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने बोरियों की जांच की। बोरियों पर लगी पैकिंग, टैग और मार्किंग देखकर पुष्टि हुई कि यह माल पूरी तरह सरकारी है। बताया जा रहा है कि यह गेहूं विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र की भगवानपुर सेवा सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है। पूछताछ में ट्रक चालक वसीम खान ने बताया कि गेहूं शमशाबाद से लाया गया है और यह एक स्थानीय व्यापारी की फर्म का है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित फर्म शमशाबाद नगर परिषद अध्यक्ष भारती माहेश्वरी के परिजन से जुड़ी बताई जा रही है।
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जब्त गेहूं को एसडीएम कार्यलय भिजवाया
एसडीएम ने दोनों ट्रकों सहित 580 बोरी गेहूं को जब्त कर मंडी से एसडीएम कार्यालय परिसर में भिजवा दिया। जब्त गेहूं की बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है। एसडीएम ने मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मंडी में अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद अवैध लेनदेन की कोशिश की जा रही थी। एसडीएम की इस तत्परता से मंडी में हड़कंप मच गया। व्यापारियों और किसानों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।
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दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्रामीणों द्वारा राशन के हक की आवाज उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कांग्रेस के संयुक्त सचिव सुरेंद्र रघुवंशी भी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। नागरिक आपूर्ति अधिकारी ने मौके पर जांच के बाद बताया कि बोरियों की पहचान सरकारी स्टॉक से ही हुई है। अब पूरे लेनदेन का रिकॉर्ड और परिवहन के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। एसडीएम ओम नारायण बडकुल ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शासकीय अनाज की कालाबाजारी प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
