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Vidisha News: विदिशा में अचानक बदला मौसम, बड़े-बड़े ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: विदिशा ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 04:21 PM IST
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सार
विदिशा जिला के कुरवाई क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना व सरसों की पकी फसलें बर्बाद हो गईं। कई गांव प्रभावित हुए। किसानों की तैयार फसलें नष्ट होने से भारी आर्थिक नुकसान और संकट की स्थिति बन गई है।
विदिशा में ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित
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विस्तार
विदिशा जिले के कुरवाई तहसील क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने किसानों के लिए भारी तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। मंडी बामोरा बेल्ट में आई तेज आंधी, गरज-चमक और भीषण ओलावृष्टि ने देखते ही देखते खेतों में खड़ी पकी फसलों को बर्बाद कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके तुरंत बाद बड़े आकार के ओले गिरने लगे, जिसने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सीहोरा, ककरुआ, लेटनी, पीकलोन, गुदावल और गंभीरिया सहित करीब एक दर्जन गांवों में कुछ ही मिनटों में खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओलों का आकार इतना बड़ा था कि पेड़-पौधों के साथ-साथ खड़ी फसलें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
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इस समय क्षेत्र के खेतों में गेहूं, चना और सरसों की फसलें पूरी तरह पककर तैयार थीं। कई किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी, लेकिन अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने सारी उम्मीदों को तोड़ दिया। ओलों की तेज मार से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर बिखर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। वहीं चने के पौधे उखड़ गए और सरसों की फलियां झड़ जाने से दाना पूरी तरह खराब हो गया। खड़ी फसलों के आड़ी गिर जाने और पानी में डूबने से अब उनके सड़ने और काले पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ, तो बची-खुची फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। इस स्थिति ने किसानों को आर्थिक संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है।

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