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ICE Vehicles: इस शहर में जुलाई से नहीं खरीद सकेंगे तेल भराने वाले टू-व्हीलर्स, दिसंबर से कारों पर लगेगी रोक
Sat, 10 Jun 2023 09:41 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 10 Jun 2023 09:41 PM IST
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Petrol Bike
- फोटो : Istock
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केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के अपनाने को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने जुलाई से ईंधन आधारित (पेट्रोल) दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद करने की अपनी योजना का एलान कर दिया है। इस बीच, दिसंबर 2023 से ईंधन आधारित (पेट्रोल-डीजल) कारों का पंजीकरण भी बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि उसकी इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इंटरनल कंब्शन इंजन (आईसीई) (ICE) वाहनों की तय संख्या वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इन समय-सीमाओं में पूरी हो जाएगी।
Electric Two Wheeler
- फोटो : Social Media
सितंबर में शुरू हुई ईवी नीति
चंडीगढ़ ने अपनी ईवी पॉलिसी पिछले साल सितंबर में शुरू की थी, जो अगले पांच सालों तक लागू रहेगी। केंद्र शासित प्रदेश (UT) का लक्ष्य आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना है और इस तरह के कदमों का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को ICE वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। ईवी नीति के अनुसार, शहर में एक वित्तीय वर्ष में लगभग 6,201 ICE दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जा सकता है। इस सीमा के बाद, इसके बजाय सिर्फ ईवी का ही रजिस्ट्रेशन होगा।
चंडीगढ़ ने अपनी ईवी पॉलिसी पिछले साल सितंबर में शुरू की थी, जो अगले पांच सालों तक लागू रहेगी। केंद्र शासित प्रदेश (UT) का लक्ष्य आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना है और इस तरह के कदमों का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को ICE वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। ईवी नीति के अनुसार, शहर में एक वित्तीय वर्ष में लगभग 6,201 ICE दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जा सकता है। इस सीमा के बाद, इसके बजाय सिर्फ ईवी का ही रजिस्ट्रेशन होगा।
Petrol Car
- फोटो : iStock
सिर्फ इतने ICE वाहन खरीदे जा सकते हैं
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल, 2023 से शहर में लगभग 4,032 ICE दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। अब आने वाले हफ्तों में सिर्फ 2,170 यूनिट्स के पंजीकरण के लिए जगह बची है। यह संख्या जुलाई तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके उलट, आंकड़ों से पता चलता है कि इस वित्तीय अवधि के दौरान सिर्फ 257 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया है। इसी तरह, ईवी नीति एक वित्तीय वर्ष में ICE कारों के पंजीकरण को 22,626 यूनिट्स तक सीमित करती है। इस साल दिसंबर तक यह आंकड़ा हासिल होने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल, 2023 से शहर में लगभग 4,032 ICE दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। अब आने वाले हफ्तों में सिर्फ 2,170 यूनिट्स के पंजीकरण के लिए जगह बची है। यह संख्या जुलाई तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके उलट, आंकड़ों से पता चलता है कि इस वित्तीय अवधि के दौरान सिर्फ 257 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया है। इसी तरह, ईवी नीति एक वित्तीय वर्ष में ICE कारों के पंजीकरण को 22,626 यूनिट्स तक सीमित करती है। इस साल दिसंबर तक यह आंकड़ा हासिल होने की उम्मीद है।
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Electric Car
- फोटो : For Reference Only
जल्द सिर्फ ईवी खरीदा होगा
इस वर्ष कुल पंजीकरण में से, चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्त वर्ष 2022-23 में लगभग 35 प्रतिशत ईवी को रजिस्टर करने की योजना बनाई है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए 2023-24 के वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर 70 प्रतिशत ईवी हो गया है। इस बीच, ई-कारों का पंजीकरण पिछले वित्त वर्ष के 10 प्रतिशत से बढ़कर इस वर्ष 20 प्रतिशत हो गया। ईवी नीति 2022 के तीसरे, चौथे और पांचवें वर्ष में नगर प्रशासन की योजना ई-दोपहिया और तिपहिया वाहनों के 100 प्रतिशत पंजीकरण की है,। जबकि व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण पाँचवें वर्ष तक धीरे-धीरे बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा।
इस वर्ष कुल पंजीकरण में से, चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्त वर्ष 2022-23 में लगभग 35 प्रतिशत ईवी को रजिस्टर करने की योजना बनाई है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए 2023-24 के वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर 70 प्रतिशत ईवी हो गया है। इस बीच, ई-कारों का पंजीकरण पिछले वित्त वर्ष के 10 प्रतिशत से बढ़कर इस वर्ष 20 प्रतिशत हो गया। ईवी नीति 2022 के तीसरे, चौथे और पांचवें वर्ष में नगर प्रशासन की योजना ई-दोपहिया और तिपहिया वाहनों के 100 प्रतिशत पंजीकरण की है,। जबकि व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण पाँचवें वर्ष तक धीरे-धीरे बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा।
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Two Wheeler
- फोटो : Social Media
ऐसा करने वाले देश का पहला शहर
चंडीगढ़ शहर में देश में सबसे ज्यादा व्हीकल डेंसिटी (वाहन घनत्व) है। इसके साथ ही चंडीगढ़ व्हीकल रजिस्ट्रेशन (वाहन पंजीकरण) पर इस तरह के प्रतिबंध का एलान करने वाला पहला भारतीय शहर बन गया है। प्रशासन ने हालांकि यह खुलासा नहीं किया है कि ICE वाहनों के मौजूदा इकोसिस्टम को सपोर्ट करने की उनकी क्या योजना है। इसमें डीलरशिप, बिक्री करने वाले कर्मचारी, व्हीकल इंवेंट्री और बहुत कुछ शामिल हैं।
चंडीगढ़ शहर में देश में सबसे ज्यादा व्हीकल डेंसिटी (वाहन घनत्व) है। इसके साथ ही चंडीगढ़ व्हीकल रजिस्ट्रेशन (वाहन पंजीकरण) पर इस तरह के प्रतिबंध का एलान करने वाला पहला भारतीय शहर बन गया है। प्रशासन ने हालांकि यह खुलासा नहीं किया है कि ICE वाहनों के मौजूदा इकोसिस्टम को सपोर्ट करने की उनकी क्या योजना है। इसमें डीलरशिप, बिक्री करने वाले कर्मचारी, व्हीकल इंवेंट्री और बहुत कुछ शामिल हैं।