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खतरा: यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस, भारत समेत इन देशों पर मंडराया खतरा!

Tue, 06 Feb 2024 05:13 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 06 Feb 2024 05:13 PM IST
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15,000 year-old viruses discovered in Tibetan glacier ice risk to india china
यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस - फोटो : iStock

खतरा: ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पूरी दुनिया में गर्मी बढ़ रही है, जिसकी वजह से ग्लेशियर पिघल रह रहे हैं। तिब्बत में स्थित ग्लेशियर भी तेजी से पिघल रहे हैं। यहां पर 15 हजार साल पुराना वायरस मिला है, जो भारत, चीन और म्यांमार के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन प्राचीन वायरस के संक्रमण का कोई इलाज नहीं है। पूरी दुनिया में पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से प्राचीन जीव, वायरस, बैक्टीरिया जैसी चीजें बाहर आ रही हैं। 



ग्लेशियरों और पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने की वजह से वूली राइनो (Woolly Rhino) से लेकर 40 हजार साल पुराने विशालकाय भेड़िये और 7.50 लाख साल पुराने बैक्टीरिया के निकलने की जानकारी मिली है। इनमें से कई मरे नहीं है। वैज्ञानिकों ने सदियों पुराने मॉस में लैब के अंदर वापस जीवन डाला है। यह बेहद छोटे हैं और 42 हजार साल पुराने राउडवॉर्म हैं।

वैज्ञानिकों ने हाल ही में तिब्बत के पठारों पर स्थित गुलिया आइस कैप के पास 15 हजार साल पुराना वायरस खोजा है। यह कई प्रजातियों के हैं, जिनकीं संख्या दर्जनों में है। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट झी-पिंग झॉन्ग ने यह इंसानों के लिए किसी भी वक्त खतरा पैदा कर सकते हैं। 
 

15,000 year-old viruses discovered in Tibetan glacier ice risk to india china
यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस - फोटो : iStock

28 वायरस के बारे में किसी को नहीं है जानकारी

चीन में समुद्री सतह से 22 हजार फीट की ऊंचाई पर तिब्बत के पिघलते ग्लेशियर के नीचे यह वायरस मिले हैं। वैज्ञानिकों ने 33 वायरस की खोज की है, जिनमें 28 के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। यह पहले कभी नहीं देखे गए हैं और इनके संक्रमण का कोई इलाज नहीं हो सकता है। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के दूसरे वैज्ञानिक मैथ्यू सुलिवन ने बताया कि इन वायरसों ने अपना जीवन चरम स्थितियों में बिताई है। अब यह किसी भी तरह के तापमान या मौसम को झेल सकते हैं। 
 

15,000 year-old viruses discovered in Tibetan glacier ice risk to india china
यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस - फोटो : iStock

मैथ्यू ने बताया कि इनके जीन्स का अध्ययन किया गया है जिससे पता है कि इनके लिए किसी भी तरह का चरम मौसम सामान्य है। इससे पहले तिब्बत के ग्लेशियर में बैक्टीरिया के मिलने की जानकारी मिली थी। यह इतनी तेजी से हो रहा है जिसकी वजह से इंसानों के सामने कठिन भविष्य का संकट खड़ा है। इंसानों को मौसम ही नहीं बल्कि इस तरह के खतरों से जूझना पड़ेगा। 

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15,000 year-old viruses discovered in Tibetan glacier ice risk to india china
यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस - फोटो : iStock

बीते साल  तिब्बत के ग्लेशियरों में बैक्टीरिया की 1000 नई प्रजातियां खोजी गई थीं। इनमें से सैकड़ों के बारे में वैज्ञानिक कुछ नहीं जानते हैं। जलवायु परिवर्तन की वजह से यह ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। यह पिघलते हैं, तो इनका पानी बैक्टीरिया के साथ चीन और भारत की नदियों में मिलेगा। इस पानी को पीकर लोग नई बीमारियों से संक्रमित हो सकते हैं। 

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15,000 year-old viruses discovered in Tibetan glacier ice risk to india china
यहां पर हजारों फीट ऊंचाई पर मिले वायरस - फोटो : iStock

यूनिवर्सिटी ऑफ चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के वैज्ञानिकों द्वारा तिब्बती पठारों पर मौजूद 21 ग्लेशियरों का सैंपल जमा किया गया था। यह सैंपल 2016 से 2020 के बीच लिए गए थे, जिनमें 968 प्रजातियों के बैक्टीरिया मिले। इनमें 82 फीसदी बैक्टीरिया एकदम नए हैं। इनके बारे में दुनियाभर के वैज्ञानिकों को कोई जानकारी नहीं है। 

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