El Nino: गर्मी तोड़ेगी सभी रिकॉर्ड, मानसून होगा कमजोर, भारत समेत पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा अल नीनो
El Nino: वैज्ञानिको का कहना है कि अल नीनो का प्रभाव जून से पड़ना शुरू हो जाएगा। इसके कारण रिकाॅर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी और मानसून प्रभावित होगा। इसका भारत समेत पूरी दुनिया पर असर होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
El Nino: अल नीनो की आहट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रशांत महासागर में गर्म हो रहे समुद्र का पानी से मजबूत संकेत मिल रहे हैं कि इस साल एक बड़ा अल नीनो बन रहा है। यह अल नीनो भारत समेत दुनिया के बड़े इलाके में मानसून और तापमान को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय और पर्यावरणीय प्रशासन (NOAA) के मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने बताया कि अक्तूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच सुपर अल नीनो के आ सकता है।
कब तक बन सकता है अल नीनो?
ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो ने कुछ दिन पहले ही बताया था कि जून तक अल नीनो के आने की संभावना है। प्रशांत महासागर से जुड़े मौसम के बदलावों पर नजर रखने वाली इस संस्था को सबसे भरोसेमंद माना जाता है। लेकिन अब नासा और यूरोप के एक सैटेलाइट ने अल नीनो का संकेत देने वाले सुराग के रियल टाइम का पता लगाया है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने साल 2020 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का सेंटिनल-6 माइकल फ्रीलिच (Sentinel-6 Michael Freilich) लॉन्च किया था। यह सैटेलाइट हर 10 दिन में पूरे महासागर में पानी की ऊंचाई की मांप करता हैऔर उसका नक्शा बनाता है। यह एडवांस सैटेलाइट समुद्र के जलस्तर में होने वाले बदलावों पर नजर रखती है और समुद्र के तापमान को प्रभावी ढंग से माप सकती है। इसकी वजह यह है कि पानी के गर्म होने से उसका भौतिक स्तर उठ जाता है।
Blue Moon 2026: आसमान में चांद हो जाएगा नीला! जानिए आखिर क्या है ब्लू मून और भारत में कब दिखेगा
सैटेलाइट के आकलन से जानकारी मिली है कि जनवरी के आखिर में एक छोटी केल्विन लहर का निर्माण हो रहा था और यह बाद खत्म हो गई। मार्च के पहले सप्ताह में करीब 1000 किमी चौड़ी एक नई लहर पूर्व दिशा की तरफ बढ़ी। इसके कारण मई के मध्य तक पेरू के आसपास समुद्र का जलस्तर लंबे समय के औसत से 15 सेमी से भी ज्यादा ऊपर उठ गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनियाभर में गर्मी रिकाॅर्ड तोड़ेगी। इसके साथ ही मानसून प्रभावित होगा।
Viral Story: लाखों की नौकरी छोड़ महिला चला रही ऑटो, आईटी इंडस्ट्री में थी मैनेजर, कहानी जानकर करेंगे तारीफ
क्या है सुपर अल नीनो?
अल नीनो एक प्राकृति घटना है। प्रशांत महासागर का पानी गर्मी होता है, तो अल-नीनो कहा जाता है। लेकिन समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा (करीब 2 डिग्री सेल्सियस से ऊपर) बढ़ जाता है, जिसे सुपर अल-नीनो कहा जाता है। अल नीनो मौसम के पैटर्न को प्रभाविक करता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अल-नीनो बीते 140 वर्षों में सबसे शक्तिशाली हो सकता है।