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अजब-गजब: अंतरिक्ष से हुई एस्टेरॉयड की भयानक बारिश, अंधेरे में डूब गई धरती, ऐसे खत्म हो गए डायनासोर

Wed, 29 Dec 2021 02:48 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश मिश्रा Updated Wed, 29 Dec 2021 02:48 PM IST
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long darkness on earth because of Asteroid rain from space dinosaur kills
जब धरती से डायनासोर हो गए थे गायब - फोटो : pixabey

इंसानों ने कभी असलियत में डायनासोर तो नहीं देखे, लेकिन उनके बारे में जानने की उत्सुकता हमेशा बनी रहती है। डायनासोर को अभी हमने केवल फिल्मों में ही देखा है। हालांकि, यह तो तय है कि इस धरती पर इन जीवों का भी अस्तित्व रहा होगा। इनके होने का प्रमाण इनके अवशेषों से पता चलता है। ये आकार में बहुत बड़े होते थे। एक डायनासोर की लंबाई 130 फीट और वजन 77 टन तक होता था। डायनासोर में कुछ शाकाहारी और कुछ मांसाहारी होते थे। फिर, एक प्राकृतिक आपदा में इन जीवों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया। दरअसल, उस समय अंतरिक्ष से धरती पर एस्टेरॉयड गिरे और डायनासोर प्रजाति को बड़ा नुकसान हुआ। एस्टेरॉयड के धरती पर गिरने से जंगलों में आग लग गई जिसके कारण चारों तरफ धूल, राख और धुआं फैल गया। इसका परिणाम यह हुआ कि सूर्य की रोशनी काफी लंबे समय तक धरती पर नहीं पहुंची। इस घटना के बाद धरती पर काफी लंबे समय तक अंधेरा छाया रहा।

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जब धरती से डायनासोर हो गए थे गायब - फोटो : pixabey

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 6 करोड़ 60 लाख साल पहले जब धरती पर एस्टेरॉयड गिरे तो कई सारे जीव समाप्त हो गए। इनमें डायनासोर भी शामिल थे। इस घटना से ऐसा लग रहा था कि अब धरती से जीवन समाप्त ही हो जाएगा। इस घटना के कारण धरती पर कई तरह के बदलाव पर्यावरण में देखने को मिले। जानकारों के अनुसार, धरती पर कई जीवों के जीवन खत्म होने का कारण वातावरण में फैली राख और धूल के कण रहे होंगे, जिससे जीव-जंतुओं को ऑक्सीजन की कमी हुई होगी और उनका जीवन नष्ट हुआ होगा।

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जब धरती से डायनासोर हो गए थे गायब - फोटो : pixabey
जीवन खत्म हो गया था
 

एस्टेरॉयड के धरती पर गिरने के बाद पूरे वायुमंडल में काले घने बादल दो सालों तक छाये रह गए। इन बादलों ने धरती सहित अन्य ग्रहों को भी ढंक लिया था। यह वो समय था जब सूर्य की किरणें धरती तक न आने के कारण प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं हो पाई जिसका परिणम यह हुआ कि कई सारी वनस्पतियों की प्रजातियों का भी अस्तित्व समाप्त हो गया।

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जब धरती से डायनासोर हो गए थे गायब - फोटो : pixabey

अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) की सालाना बैठक में 16 दिसंबर को इस शोध को पेश किया गया जिसमें बताया गया कि सूरज की रोशनी आने के बाद भी यह गिरावट दशकों तक बनी रही थी। 

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जब धरती से डायनासोर हो गए थे गायब - फोटो : pixabey
धरती से टकराया  था 12 किमी चौड़ा ऐस्टरॉयड
 

ऐस्टरॉयड के धरती पर गिरने की वजह से क्रेटेसियस काल (145 मिलियन से 66 मिलियन ) एक भयानक धमाके के साथ खत्म हुआ था। जिस समयकाल में धरती पर यह गिरा था इसकी रफ्तार 43,000 किमी/घंटे थी। इस पिंड का व्यास 12 किलीमीटर था जिस जगह पर यह गिरा वहां एक गड्ढा बना जिसे चिक्सुलब क्रेटर नाम से जाना जाता है। यह गड्डा युकाटन के प्रायद्वीप के पास मैक्सिको की खाड़ी में मौजूद है। इस गड्ढे का व्यास 150 किमी तक फैला हुआ है।

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