Space News in Hindi: चंद्रमा और मंगल पर इंसानी बस्तियों के बसाने की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। चीन ने चांद की सतह पर इंसान अधिक दिन तक रह पाएं इसकी तैयारी शुरू कर चुका है। चीन की नानजिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम का कहना है कि चांद पर लंबे समय तक रहने के लिए चांद की मिट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि चांद की मिट्टी से ऑक्सीजन और ईंधन जैसे संसाधन मिल सकते हैं।
चीन के चांग'ई-5 अंतरिक्ष यान ने एक मिशन के दौरान चांद की मिट्टी और कुछ दूसरे पदार्थ इकट्ठा किए थे। वैज्ञानिकों ने इन नमूनों का विश्लेषण किया है और जूल जर्नल में इस शोध को प्रकाशित किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 40 सालों में पहली बार किसी मिशन के दौरान मिट्टी लाई गई थी। शोधकर्ताओं को इस विश्लेषण से पता चला है कि चंद्रमा पर मौजूद रेजोलिथ में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदल देते हैं।
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चांद की मिट्टी से बनेगी ऑक्सीजन
- फोटो : Twitter @UUx4whxHO5injW3
इसके अलावा चांद की मिट्टी से वैज्ञानिकों की एक इंटरनेशनल टीम ने इसकी उम्र का अनुमान लगाया है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, चांद की यह मिट्टी 197 करोड़ साल पुरानी है। टीम की तरफ से बताया गया है कि उन्होंने इस शोध के जरिए चांद की मिट्टी से कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण किया है। इसके अलावा अन्य संसाधनों में भी बदला है।
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चांद की मिट्टी से बनेगी ऑक्सीजन
- फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक चांद पर ऐसा जारी रहेगा तब तक चांद की मिट्टी से चंद्रमा और अन्य मिशन को ऐसी सुविधा मिलती रहेगी। इस शोध में कई नई जानकारियां मिली हैं।
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चांद की मिट्टी से बनेगी ऑक्सीजन
- फोटो : iStock
शोधकर्ताओं ने बताया है कि रिसर्च से पता चला है कि चांग'ई-5 मिशन के तहत लाई गई चांद की मिट्टी में चंद्रमा पर सोलर एनर्जी परिवर्तन की शक्ति है।
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चांद की मिट्टी से बनेगी ऑक्सीजन
- फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद की मिट्टी में लोहा और टाइटेनियम भारी मात्रा में पाया गया है। यह सूरज के प्रकाश के तहत उत्प्रेरक के तौर पर काम करता है जो कार्बन डाइऑक्साइड और अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर से निकले पानी को ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और मीथेन जैसी अन्य चीजों में बदल सकता है। इसके अलावा चांद पर जीवने सभी जरूरी वस्तुएं मिल सकती हैं।
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