NASA Artemis II: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आर्टेमिस II मिशन को 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया था। इस मिशन के दौरान चार अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों तरफ की यात्रा की। इसके बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की तरफ वापस आ रहा है। अभी तक सबकुछ ठीक था, लेकिन अब स्पेसक्राफ्ट में लगभग 192 करोड़ का बने टॉयलेट में अचानक खराबी आ गई है। अंतरिक्ष में यूरिन को फेकने वाला सिस्टम बंद हो गया है। नासा का कहना है कि एक केमिकल रिएक्शन के कारण यूरिन सिस्टम में खराबी आई है। पॉटी निकालने वाला अलग सिस्टम है, जो ठीक चल रहा है।
NASA Artemis II: अंतरिक्ष में करोड़ों का टॉयलेट खराब, स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स कैसे जाते हैं टॉयलेट
NASA Artemis II: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आर्टेमिस II मिशन को 1 अप्रैल 2026 को भेजा था। अब अंतरिक्ष यात्री चांद का चक्कर लगाने के बाद धरती पर वापस आ रहे हैं, लेकिन ओरियन स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट में खराबी आ गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह समस्या लिफ्टऑफ यानी आर्टेमिस II मिशन के लाॅन्च होने के कुछ ही घंटों बाद शुरू हो गई थी। क्रिस्टीना कोच ने सिस्टम के कंट्रोल्स को ठीक किया। मिशन कंट्रोल की मदद से फिर से चालू किया गया। अंतरिक्ष यात्रियों को लगा समस्या ठीक हो गई है, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। कोच ने बताया कि टॉयलेट अंतरिक्ष यान का सबसे जरूरी उपकरण है। आइए जानते हैं कि अंतरिक्ष में टॉयलेट की क्या व्यवस्था है, कैसे जाते हैं टॉयलेट और अंतरिक्ष यात्रियों का मल-मूत्र कहां जाता है?
अंतरिक्ष में कैसे जाते हैं टॉयलेट?
स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों के टॉयलेट जाने के लिए विशेष व्यवस्था होती है। अंतरिक्ष स्टेशन में एक विशेष टॉयलेट बनाया जाता है। देखने में सामान्य टॉयलेट की तरह ही लगता है, लेकिन यह अलग होता है। अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी की वजह से अंतरिक्ष यात्रियों के लिए टॉयलेट जाना मुश्किल होता है। मल-मूत्र हवा में तैर सकते हैं, जिसकी वजह से विशेष व्यवस्था की जाती है। अंतरिक्ष में टॉयलेट के लिए उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
NASA: दुनिया ने पहली बार देखी चांद की ऐसी तस्वीर, गड्ढे, सूर्य ग्रहण और मंगल ग्रह, नासा ने जारी किया अद्भुत वीडियो
स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए हाइटेक वैक्यूम टॉयलेट होते हैं। यह अंतरिक्ष यात्रियों के मल और मूत्र को खींचकर अलग-अलग टैंक में जमा कर देते हैं। इस खासियत होती है कि अंतरिक्ष यात्री बैठकर या खड़े होकर इस टॉयलेट का आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर कागज की मदद सफाई करते हैं। हालांकि, छोटे मिशन में अभी भी पोर्टबल बैग का इस्तेमाल होता है।
Viral Video: साबुन की टिकिया को खाना समझकर खाने लगा लंगूर, फिर महिला ने किया कुछ ऐसा, वीडियो ने जीता दिल
स्पेस स्टेशन में कैसे करते हैं यूरिन?
अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पेशाब करने के लिए भी विशेष व्यवस्था होती है। इसके लिए वो एक वैक्यूम वाले पाइप का इस्तेमाल करते हैं। यह वैक्यूम पाइप यूरिन को खींचकर अलग टैंक में जमा कर देता है। यह टॉयलेट वाले टैंक से अलग होता है। इस टैंक में जमा यूरिन रिसाइकल करके फिर से पीने के काम में इस्तेमाल होता है।