Mission Moon: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को 2:35 बजे लॉन्च किया था। अब चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की तरफ से चंद्रयान-3 से जुड़ी पल-पल की जानकारी दी जा रही है। इसरो की तरफ से चंद्रयान-3 का चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी। जब चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 लैंड करेगा तो यह इसरो के वैज्ञानिकों और देश के लिए उत्साह और खुशी का होगा।
Mission Moon: जब पहली बार चांद पर दौड़ा था चार पहिया वाहन, जानिए नासा के इस मिशन के बारे में
दरअसल, साल 1971 के मिशन मून के दौरान चांद पर नासा ने ऑफ रोडर कार लूनर रोवर व्हीकल को अंतरिक्ष यात्रियों के साथ भेजा था। अंतरिक्ष यात्रियों ने 31 जुलाई 1971 को चंद्रमा की सतह पर पहली बार किसी चार पहिया वाहन को चलाया था। यह रोवर करीब छह घंटे तक चांद पर चला था। इससे वैज्ञानिक को चंद्रमा की सतह के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मिली।
साल 1971 मिशन मून के दौरान इंसानों ने पहली बार धरती के अलावा किसी दूसरे ग्रह पर चार पहिया वाहन चलाया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तरफ से 1971 में ही सबसे पहले अपोलो मिशन के तहत मानवरहित यान को चंद्रमा पर भेजा गया था।
पहली बार नासा ने किया ऐसा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर लूनर रोविंग व्हीकल का पहली बार इस्तेमाल अपोलो मिशन के तहत किया था। लूनर रोविंग व्हीकल में दो नॉन रिचार्जेबल जिंग बैटरी लगाई थीं। कार के हर पहिये को बैटरी से 0.25 हॉर्स पावर की शक्ति मिलती थी। चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने वाला अपोलो-15 चौथा मिशन था।
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पहली बार नासा ने अपोलो-15 के साथ लूनर रोवर व्हीकल को अंतरिक्ष यात्रियों के साथ भेजने का काम किया था। इसके बाद नासा ने दूसरे मून मिशन पर भी भेजा था। नासा के अनुसार, 31 जुलाई 1971 को लूनर रोवर व्हीकल चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों के साथ चला था। अमेरिका के इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चांद पर गए थे जिसमें जेम्स इर्विन, डेविड स्कॉट और अल्फ्रेड वॉर्डेन शामिल थे।
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