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NASA: जानिए कितने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान, नासा के वैज्ञानिक ने बताया

फीचर डेस्क, अमर उजाल Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 24 May 2022 07:10 PM IST
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nasa scientist says humans could be interplanetary species within 200 years
इतने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान - फोटो : Pixabay
NASA News in Hindi: इंसान दूसरे ग्रहों पर रहने का सपना सालों से देख रहा है। अब नासा के एक वैज्ञानिक ने बताया है कि दूसरे ग्रहों पर इंसान कब तक रहने लगेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री के वैज्ञानिक जोनाथन जियांग ने दावा किया है कि इंसान 200 सालों में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेगा। उन्होंने धरती को अंधेरे से घिरी हुई छोटी सी जगह बताया है। उन्होंने बताया कि हमारे पास फिजिक्स की जो अभी समझ है उससे लगता है कि एक छोटी चट्टान पर सीमित संसाधनों के साथ हम फंसे हुए हैं। 


उनका कहना है कि धरती को छोड़ने के लिए इंसानों को परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा का तेजी से इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी सलाह दी है कि ऊर्जा स्रोतों का गलत इस्तमाल नहीं करना चाहिए। एक सोवियत एस्ट्रोनॉमर ने लगभग 60 साल पहले कार्दाशेव स्केल के बार में जानकारी दी थी। इसमें किसी भी बुद्धिमान प्रजाति की तकनीकी क्षमता का अनुमान लगाया जा सकता है। 
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इतने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान - फोटो : Pixabay

क्या होता है कार्दाशेव स्केल

सोवियत खगोलशास्त्री निकोलाई कार्दाशेव ने साल 1964 में बुद्धिमान प्रजाति की तकनीकी क्षमता के बारे में जानकारी हासिल करन के लिए एक मेजरमेंट योजना के बारे में बताया था। इसके बाद कार्ल सागन ने इसमें संशोधन किया था। इनके अनुसार, कार्दाशेव टाइप-I द्वारा अपने ग्रह पर मौजूद सभी प्रकार के ऊर्जा का प्रयोग किया जा सकता है जबकि टाइप-II सभ्यताओं द्वारा ऊर्जा की मात्रा का 10 गुना प्रयोग किया जा सकता है। टाइप-III प्रजाती पूरी आकाशगंगा की अधिक से अधिक ऊर्जा को खर्च कर सकती है। उन्होंने मानव प्रजाति को टाइप-I से भी बहुत नीचे बताया है। उनका कहना है कि इसके बावजूद हर साल ऊर्जा के खर्च में बढ़ोत्तरी हो रही है।

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इतने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान - फोटो : Pixabay

वैज्ञानिक जोनाथन जियांग ने कहा है कि हमारी गैलेक्सी अरबों साल पुरानी है। उनका कहना है कि किसी न किसी जगह इंसानों से बेहतर कोई होगा। उन्होंने कहा है कि धरती कोई खास नहीं है। इसके अलावा उन्होंने जीवन और बुद्धि के विकास को भी अनोखा नहीं बताया है। 

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इतने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान - फोटो : istock

उनका कहना है कि हमारी गैलेक्सी बहुत पुरानी है। इसलिए अभी तक किसी को तो जरूर टाइप III स्टेज में पहुंच जाना चाहिए था। उन्होंने गंभीरता से गैलैक्सी की खोज शुरू करने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि इंसान अकेले हैं इसलिए लगता है कि बुद्धिमान जीवन बेहद दुर्लभ है। उनका कहना है कि प्रजाति के तौर पर इंसान आत्म-विनाश कर सकता है और वह अभी कार्दाशेव पैमाने के पहले पायदान पर नहीं पहुंच पाया है। 

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इतने साले में दूसरे ग्रहों पर रहने लगेंगे इंसान - फोटो : istock

जर्नल प्रीप्रिंट सर्वर पर पब्लिश पेपर में जियांग और उनकी टीम ने टाइप I स्थिति तक पहुंचने के लिए एक तरीके की खोज की है जो सबसे अच्छा है। इंसान को जीवमंडल को नुकसान न पहुंचे इसलिए तेजी से ऊर्जा आपूर्ति को परमाणु और नवीकरणीय विकल्पों में बदलना होगा। अगर इंसान ऐसा नहीं करता है, तो जीवमंडल को नुकसान होता रहेगा। टीम की तरफ से कहा गया है कि अगर वर्तमान दर से ऊर्जा खर्च जारी रहा है, तो इंसान साल 2371 तक  टाइप I स्टेज में पहुंच जाएगा। 

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