जब भी हम आसमान की ओर देखते हैं, तो हमें हजारो टिमटिमाते तारे नजर आते हैं, वहीं जब वायुमंडल प्रदूषण मुक्त रहता है तो कई बार हमें आकाशगंगा के हिस्से भी देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में दूरबीन का प्रयोग करके आप इनकी गहराइयों को भी देख सकते हैं। अंतरिक्ष में कई ऐसी वस्तुएं होती हैं, जिन्हें हम केवल अपनी आंखों से नहीं देख सकते हैं। इनके लिए हमें खास तरह के टेलिस्कोप की जरूरत होती है, वहीं कई चीजें ऑप्टिकल टेलिस्कोप से नहीं दिखती हैं। इन्हें देखने के लिए रेडियो टेलिस्कोप की जरूरत पड़ती है। इसके जरिए अक्सर करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर अंतरिक्ष में वैज्ञानिकों को ऑड रेडियो सर्कल्स (Odd Radio Circles - ORC's) देखने को मिल जाते हैं।
अजब-गजब: अंतरिक्ष में दिखा रहस्यमयी 'भूतिया' गोला, वैज्ञानिक ने बताई इसके पीछे की कहानी
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इसका मतलब ये कि स्पेस में कुछ है, लेकिन उसे देखा नहीं जा सकता। ऐसे में वैज्ञानिकों ने एक ओआरसी पर फोकस किया, जिसका नाम ORC1C है। रेडियो टेलिस्कोप का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने इस गोले को पूरी तरह से देखा।
गोलाकार के अंदर जटिल प्रणाली का चक्र
जांच में पता चला कि ये गोला तेजी से घूम रहे आवेषित इलेक्ट्रॉन्स से निकलने वाले रेडिएशन की वजह से बना है। इसके अंदर एक जटिल प्रणाली और ढांचा है, साथ ही ये गोलाकार दिखता है। हालांकि, इसके अंदर काफी ज्यादा बदलाव होते रहते हैं, जिसकी वजह से ये कभी-कभी ही दिखता है, लेकिन ये अपनी जगह पर मौजूद रहता है।
इंटर-यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर डेटा इंटेंसिव एस्ट्रोनॉमी के साइंटिस्ट डॉ. जॉर्डन कोलियर का कहना है कि लोग चाहते हैं कि वो ऑब्जरवेशन को सही तरीके से दिखाएं। ऐसे में हमने इसे दिखाने के लिए रेडियो टेलिस्कोप की मदद ली। इसके बाद ही इसकी आकृति समझ आई। वरना ये अंतरिक्ष में एक रहस्यमयी भूतिया चीज ही बनी रहती।
ऑड रेडियो सर्कल्स (ORC's) कैसे बनते हैं?
ऑड रेडियो सर्कल्स के बनने की तीन वजहें हो सकती हैं।
पहला- इनका जन्म किसी अंडाकार आकाशगंगा के बीच दो अत्यधिक विशालकाय ब्लैक होल्स के टकराने से हो सकता है, जो कि ORC1C के अंदर ही रहे हों।