दुनियाभर के वैज्ञानिक धरती के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं। वह पृथ्वी के अलावा अंतरिक्ष की भी जांच पड़ताल कर रहे हैं। अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे वैज्ञानिकों को कई बार लगता है कि उनकी खोज पूरी हो चुकी है, लेकिन फिर उसमें कोई न कोई बाधा आ जाती है।
वैज्ञानिकों ने बताया है कि वह जल्द ही ऐसे ग्रह को खोज लेंगे जिस पर जीवन हो। वैज्ञानिकों ने इसमें सबसे ऊपर मंगल ग्रह को (Life On Mars) रखा है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस ग्रह पर इंसान रह सकेंगे। साल 2011 में सहारा रेगिस्तान में एक काला पत्थर मिला था जिसकी इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। वैज्ञानिकों को अंदाजा था कि रेगिस्तान में मिला यह काला पत्थर कुछ अलग है। लेकिन अब इस पत्थर के रहस्यों से पर्दा उठ रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर इस काले पत्थर का रहस्य क्या है?
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मंगल ग्रह के इस बड़े रहस्य से उठेगा पर्दा
- फोटो : Twitter @Nasa
सहारा रेगिस्तान में मिला ब्लैक स्टोन कोई आम काला पत्थर नहीं था, क्योंकि ये मंगल ग्रह से आया एक उल्कापिंड था। वैज्ञानिकों ने इस दुर्लभ पत्थर को अपने पास रिसर्च करने के लिए रख लिया था जिसके बाद इसकी जांच की जा रही है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस पत्थर के जरिए मंगल पर जीवन के रहस्यों का पता लगा लिया गया है।
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मंगल ग्रह के इस बड़े रहस्य से उठेगा पर्दा
- फोटो : Pixabay
साल 2011 में सहारा रेगिस्तान में यह पत्थर मिला था और साल 2013 में इस पर रिसर्च शुरू किया गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस पत्थर की उम्र 2.1 बिलियन साल है। इसकी भी जांच की जा रही है कि उल्कापिंड के अंदर कौन से मिनरल्स मौजूद हैं। वैज्ञानिकों ने इस काले पत्थर के अंदर अभी तक जिरकॉन पाया है। अरबों साल में जिरकॉन का निर्माण होता है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि मंगल का अस्तित्व और उसका इतिहास और भी पुराना हो सकता है।
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मंगल ग्रह
- फोटो : Pixabay
इससे पहले वैज्ञानिकों ने जो रिसर्च की थी उसमें जानकारी मिली थी कि मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद था। इस बात का कोई सबूत नहीं हैं, लेकिन वैज्ञानिक इसको मानते हैं। साइंस एडवांसेज जर्नल में काले पत्थर पर किए गए रिसर्च को प्रकाशित किया गया है। वैज्ञानिको ने उम्मीद जताई है कि इसके रिसर्च से पता चलेगा कि मंगल पर कभी जीवन था या नहीं। अगर लाल ग्रह पर जीवन मौजूद था, तो कब और कैसे खत्म हुआ।