साबुन का इस्तेमाल काफी आम है, हम लोग दिन में कई दफा नहाने के लिए या अपने हाथ साफ करने के लिए करते हैं। मार्केट में अलग-अलग रंगों के कई साबुन उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल आपने जरूर किया होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अलग-अलग रंगों के साबुन से जो झाग निकलता है वो हमेशा सफेद ही क्यों होता है? साबुन का रंग जैसा है झाग का रंग भी वैसा ही क्यों नहीं होता? अगर अब आप सोच में पड़ गए हैं तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि ऐसे साबुन से हाथ धोने के बाद उसका रंग कहां खो जाता है। दरअसल, इसके पीछे भी विज्ञान है।
जानिए ऐसा क्यों होता है...
आपको जानकर हैरानी होगी कि विज्ञान के मुताबिक किसी भी चीज का अपना रंग नहीं होता। किसी भी चीजों के रंगीन दिखने की वजह प्रकाश की किरणें होती है। दरअसल, प्रकाश की किरणें में सात रंग होते हैं, जिनके अवशोषित या परावर्तित होने पर उस वस्तु का रंग दिखाई देता है।
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अलग-अलग रंगों के साबुन से क्यों निकलता है केवल सफेद रंग का झाग?
- फोटो : istock
जब कोई चीज प्रकाश की सभी किरणों को अवशोषित कर लेती है, तो वह काली दिखती है। इसके बिल्कुल विपरीत जब कोई चीज प्रकाश की सभी किरणों को परावर्तित कर देती है, तो वह चीज सफेद दिखाई देती है। कुछ ऐसा ही झाग के मामले में भी होता है।
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अलग-अलग रंगों के साबुन से क्यों निकलता है केवल सफेद रंग का झाग?
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इसके अलावा सफेद रंग के दिखने का ये भी कारण है कि साबुन में इस्तेमाल होने वाली डाई अधिक प्रभावी नहीं होती, जिससे इसका रंग दिखाई नहीं देता है।
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अलग-अलग रंगों के साबुन से क्यों निकलता है केवल सफेद रंग का झाग?
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी रंग के साबुन का जब झाग बनता है, तो इसमें पानी, हवा और साबुन मौजूद होता है, जो गोल आकार लेकर बुलबुलों के रूप में दिखते हैं। जब इन पर रौशनी यानी प्रकाश की किरणें पड़ती हैं, तो ये परावर्तित हो जाती हैं और ये ट्रांसपेरेंट बुलबुले सफेद रंग के नजर आते हैं।
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अलग-अलग रंगों के साबुन से क्यों निकलता है केवल सफेद रंग का झाग?
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विज्ञान के मुताबिक साबुन के झाग से बनने वाले छोटे-छोटे बुलबुले सतरंगी पारदर्शी फिल्म से निर्मित होते हैं, लेकिन ये छोटे-छोटे बुलबुले ट्रांसपेरेंट यानी पारदर्शी होते हैं। यही वजह है कि जब इन पर प्रकाश की किरण पड़ती है, तो इसके सभी रंग परावर्तित हो जाते हैं।