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Supermountains: धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़, जानिए सुपरमाउंटेन के बारे में

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Mon, 07 Feb 2022 06:00 PM IST
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supermountaines lost range found three times big than himalayas know all detail about Supermountain
धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़ - फोटो : Pixabay

दुनियाभर के वैज्ञानिक धरती के रहस्यों को जानने की कोशिश कर रहे हैं। धरती के रहस्यों को जानने में जुटे वैज्ञानिक आए दिन नए-नए खुलासे करते हैं। अब इस बीच ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने सुपरमाउंटेन की खोज की है। यह सुपरमाउंटेन हिमालय से भी 3 गुना बड़े थे। वैज्ञानिकों ने धरती के इतिहास में प्राचीन सुपरमाउंटेन के निर्माण की जांच की है। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जियी झू और उनके साथियों ने यह जांच की है। 



वैज्ञानिकों ने जिरकॉन्स के अवशेषों के जरिए इसकी जांच की है। कम ल्यूटेशियम वाला यह खनिज पदार्थ मिनरल और रेअर अर्थ मिलकर बनकर बनता है। विशाल पहाड़ों के नीचे दबाव वाले स्थान पर पाया जाता है। शोधकर्ताओं को रिसर्च के दौरान पता चला है कि सबसे पहले 2 से 1.8 अरब साल पहले तब सुपरमाउंटेन का निर्माण हुआ था जब नूना महाद्वीप जम रहा था। दूसरी बार 65 करोड़ से 50 करोड़ साल पहले सुपरमाउंटेन बना बना जब गोंडवाना महाद्वीप का निर्माण हुआ था।

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धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़ - फोटो : Pixabay

 ऑस्ट्रेलिया के नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जियी झू ने बताया है कि सुपरमाउंटेन के निर्माण और धरती के विकास में दो अहम काल के बीच संबंध है। हालांकि वर्तमान समय में ऐसे सुपरमाउंटेन धरती पर नहीं हैं। उनका कहना है कि हिमालय  सिर्फ 2400 किलोमीटर मे फैला है, लेकिन प्राचीन सुपरमाउंटेंस की रेंज कई गुना अधिक थी। 

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धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़ - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं ने बताया है कि सुपरमाउंटेंस कैसे खत्म हुए और समुद्र में समा गए। इसकी वजह से समुद्र में पोषक तत्व भरे पड़े हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी वजह से जीवन की उत्पत्ति बहुत तेजी से हुई। समुद्र में ही सबसे पहले जीवन का विकास हुआ। टेक्टोनिक प्लेट्स के जमीनी इलाकों में आपस में मिलने की वजह से आमतौर पर पहाड़ों का निर्माण होता है। 

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धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़ - फोटो : Pixabay

जिई झू का कहना है कि लाखों-करोड़ों साल तक पहाड़ों के निर्माण की प्रक्रिया चलती है और पहाड़ अपने तय समय पर खत्म हो जाते हैं। क्योंकि पहाड़ों के निर्माण के साथ ही उनके खत्म होने की तारीख भी तय होती है। वैज्ञानिका कहना है कि सुपरमाउंटेंस की तरह हिमालय के नीचे भी जिरकॉन्स हो सकता है।

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धरती पर मिले हिमालय से तीन गुना बड़े पहाड़ - फोटो : Pixabay

झू का कहना है कि महाद्वीपों के निर्माण के दौरान सुपरमाउंटेन ऊपर उठे। उनका कहना है कि सुपरमाउंटेन के क्षरण का माइक्रोस्कोपिक और विशाल जीवधारियों से संबंध हो सकता है। 

 

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