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Ajab-Gajab: क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? जानिए क्या है वजह

Wed, 15 Jan 2025 01:07 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Wed, 15 Jan 2025 01:07 PM IST
सार

Ajab-Gajab: भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में यह गांव स्थित है। प्रसिद्ध शहर मदुरै से यह गांव 20 किमी दूर स्थित है, जिसका नाम कलिमायन गांव है। इस गांव में बच्चे भी जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं।

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Tamil Nadu Village where wearing shoes slipper is banned Know Shocking reason Bizarre news in Hindi
क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? - फोटो : Freepik

Ajab-Gajab: वर्तमान में क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई बिना चप्पल-जूते के रह सकता है? अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह कैसा सवाल है। तो हम आपको बता दें कि भारत में एक ऐसी जगह है, जहां लोगों के जूते-चप्पल पहनने पर रोक है। वैसे भारत में आमतौर पर बेहद कम लोग घरों में जूते-चप्पल पहनते हैं। घर के अंदर लोग नंगे पांव ही रहते हैं। लेकिन इस गांव में जिला मजिस्ट्रेट या कोई सांसद को भी आ जाए, तो उन्हें भी जूते-चप्पल गांव के बाहर ही उतारने पड़ते हैं। इस गांव के लोग भीतर हों या बाहर नंगे पांव ही रहते हैं। 



गांव में लोग घर के बाहर होने पर भी जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं। लोगों को देखकर ऐसा लगता है कि गांव में जूते-चप्पल पहनने पर रोक है। इसके पीछे बेहद रोचक वजह है, जिसके बारे में हम आपको अपनी खबर में बताने वाले हैं। वजह के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। 
 

Tamil Nadu Village where wearing shoes slipper is banned Know Shocking reason Bizarre news in Hindi
क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? - फोटो : Freepik

भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में यह गांव स्थित है। प्रसिद्ध शहर मदुरै से यह गांव 20 किमी दूर स्थित है, जिसका नाम कलिमायन गांव है। इस गांव में बच्चे भी जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं। अगर कलिमायन गांव में कोई गलती से भी जूते चप्पल पहन लेता है, तो उसे कठोर सजा दी जाती है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां रहने वाले ज्यादातर लोग खेती किसानी करते हैं। 
 

Tamil Nadu Village where wearing shoes slipper is banned Know Shocking reason Bizarre news in Hindi
क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? - फोटो : Freepik

जूते-चप्पल नहीं पहनने की क्या है वजह? 

बताया जाता है कि इस गांव में रहने वाले लोग अपाच्छी नाम के देवता की सदियों से पूजा कर रहे हैं। वहां के लोग मानते हैं कि अपाच्छी देवता ही उनकी रक्षा करते हैं। अपने देवता के प्रति आस्था की वजह से गांव की सीमा के अंदर जूते-चप्पल पहनने पर रोक है। 

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क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? - फोटो : Freepik

यहां के लोग सदियों से इस पंरपरा का पालन कर रहे हैं। अगर किसी को बाहर जाना होता है, तो वह हाथ में जूते चप्पल लेकर जाता है और गांव की सीमा खत्म होने पर उसे पहन लेता है। इसके बाद जब वो वापस आते हैं, तो गांव की सीमा से पहले ही जूता चप्पल उतार देते हैं।

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क्यों भारत के इस गांव में लोग नहीं पहनते हैं जूते-चप्पल? - फोटो : Freepik

कब से लोग इस परंपरा का पालन कर रहे हैं, इस बारे में किसी को सटीक जानकारी नहीं है। हालांकि, गांव के लोगों का मानना है कि कई पीढ़ियों से इस गांव के लोग इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। यहां के बच्चे स्कूल भी नंगे पांव ही जाते हैं। यहां के लोग जूते-चप्पल के नाम पर नाराज हो जाते हैं। भारत में आज भी लोग कई परंपराओं का पालन करते हैं। 

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