Wishing Well: इस देश में मिला हजारों साल पुराना कुआं, लोगों की हर इच्छा कर देता था पूरी
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पुरातत्वविदों को इस कुएं में कई कलाकृतियां मिली हैं जिनमें 70 से अधिक संरक्षित मिट्टी के बर्तन, कई सजावटी कटोरे, कप और बर्तन शामिल हैं। यह रोजमर्रा के लिए इस्तेमाल की जाने वाले बर्तन नहीं हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल किसी खास मौके पर किया जाता था। इसके साथ ही पुरातत्वविदों ने कुएं से दो दर्जन से अधिक कांसे से बनी कपड़ों की पिन, एक कंगन, चार अम्बर मोती, दो धातु के स्पाइरल, एक जानवर का दांत और एक लकड़ी का स्कूप निकाला है।
एक पुरातत्वविद् जोचेन हैबरस्ट्रोह (Jochen Haberstroh) ने बताया कि 3,000 से से भी ज्यादा सालों तक टिका रहने वाला कुआं बहुत दुर्लभ है। जोचेन हैबरस्ट्रोह बवेरियन स्टेट ऑफिस फॉर मॉन्यूमेंट कंजर्वेशन में पुरातत्वविद् के तौर पर काम करते हैं। जोचेन का कहना है कि कुएं में लगी लकड़ियों की दीवारें जमीन पर पूरी तरह से संरक्षित हैं। यह दीवारें ग्राउंड वाटर से नाम मात्र ही भीग पाई हैं। इसकी वजह से कुएं में मिलने वाली कलाकृतियां सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि अब इनकी बेहद बारीकी से जांच हो रही है। जोचेन ने बताया कि संभावना है कि इन सामानों से हम उस दौर के लोगों के दैनिक जीवन को समझ सकते हैं। संरक्षित कलाकृतियों के आधार पर शोधकर्ताओं मानते हैं कि ग्रामीणों ने अपनी मान्यताओं की वजह से इन वस्तुएं को कुएं में नीचे रखा होगा, न कि ऊपर से फेंका होगा। जैसा आमतौर देखा जाता है कि सिक्के को ऊपर से फेंका जाता है।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि अच्छी फसल के लिए वह इन सामानों को कुएं के अंदर रखते होंगे। जहां कुआं खोजा गया है उस स्थान पर एक डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर का निर्माण किया जाना था जिसकी दिसंबर में वहां पर खुदाई की गई थी। पुरातत्वविदों ने साल 2021 से कांस्य युग और शुरुआती मध्य युग की 13,500 से ज्यादा कलाकृतियों को खोजा है। इस कुएं में मिले सामानों का अध्ययन बवेरियन स्टेट ऑफिस फॉर मॉन्यूमेंट कंजर्वेशन के शोधकर्ता कर रहे हैं।