मधुमक्खियां हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम जो कुछ भी फल, सब्जियां या अनाज खाते हैं उन्हें उगाने के लिए केवल धूप, मिट्टी और पानी ही जरूरी नहीं हैं बल्कि कीट पतंगों का भी विशेष योगदान है। धरती पर कृषि का एक बड़ा भाग इन्हीं कीट पतंगों पर निर्भर है। ऐसे में मधुमक्खियों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए और उन्हें खतरों से बचाने के लिए हर साल 20 मई को मधुमक्खी दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस खास दिवस को मनाने के उद्येश्य के बारे में...
2 of 5
मधुमक्खी
- फोटो : अमर उजाला
हम जो भी फल, सब्जियां या अनाज खाते हैं उन्हें उगाने के लिए परागण की प्रक्रिया खास योगदान रखती है। मधुमक्खियां पेड़ पौधों के पराग कणों को एक पौधों से दूसरे पौधों तक पहुंचाने में मदद करती हैं। जब मधुमक्खी किसी एक फूल पर बैठती है तो उसके पैरों और पंखों में पराग कण चिपक जाते हैं और जब यह उड़कर किसी दूसरे पौधे पर बैठती है, तब यह पराग कण उस पौधे में चले जाते हैं और उसे निषेचित कर देते हैं इससे फल और बीजों की उत्पत्ति होती है।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मानवीय गतिविधियों के कारण परागण वाले कीट पतंगों का जीवन खतरे में है। उनके महत्व और सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया जाता है। यह खास दिवस आधुनिक मधुमक्खी पालन की तकनीक का नेतृत्व करने वाले एंटोन जनसा के जन्म दिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
4 of 5
मधुमक्खी
- फोटो : फाइल फोटो
मधुमक्खी का कृषि में योगदान
विश्व की 70 प्रतिशत कृषि कीट-पतंगों पर निर्भर है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि 100 में से 70 खाद्य पदार्थ में मधुमक्खियों का हस्ताक्षेप रहता है।
5 of 5
मधुमक्खी
- फोटो : फाइल फोटो
मधुमक्खी से जुड़ी खास बात
मधुमक्खी एक ऐसी कीट है जो किसी भी तरह की रोगजनक बैक्टीरिया या वायरस नहीं छोड़ती है। ऐसा कभी देखने को नहीं मिलता की मधुमक्खी के संपर्क में आने से व्यक्ति को कोई बीमारी हो जाए।