Zara Hatke: नीदरलैंड्स की साइकिल संस्कृति की चर्चा अक्सर होती है। दुनिया में शायद ही कोई देश होगा, जहां पर लोग साइकिल को अहमियत देते हों। लेकिन नीदरलैंड्स में बड़े नेता भी साइकिल चलाते दिखाई देते हैं। वहां के पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रुटे को कई बार संसद तक साइकिल से जाते हुए देखा गया है। देश की राजधानी एम्स्टर्डम की साइकिल पहचान बन चुकी है। यहां पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक साइकिल चलाते नजर आते हैं।
Zara Hatke: इस देश में बच्चों से लेकर प्रधानमंत्री तक चलाते हैं साइकिल? जानिए आखिर क्या है वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीदरलैंड्स में हादासों के बाद लोगों की गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने कारों के खिलाफ और सुरक्षित सड़कों के समर्थन में बड़े अभियान की शुरुआत कर दी। लोगों ने आंदोलन का नाम स्टॉप डी किंडरमोर्ड रखा, जिसका मतलब बच्चों की मौत रोको। सड़कों पर लोग साइकिल लेकर उतर गए।
प्रदशनों को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने कारों की स्पीड सीमित कर दी। इसके साथ ही नई डिजाइन वाली सड़कें बनाई गईं और साइकिल चालकों के लिए अलग रास्ते बनाए गए।
Alien News: अमेरिका के पास हैं 4 प्रजाति के एलियन, CIA से जुड़े वैज्ञानिक ने किया चौंकाने वाला खुलासा
वैश्विक तेल संकट ने सोच में लाया बदलाव
1973 के आए वैश्विक तेल संकट ने भी नीदरलैंड्स के लोगों की सोच को बदल दिया। उस दौरान तेल के दाम तेजी से बढ़ा और सरकार ने रविवार को कई सड़कों पर कारों के आने जाने पर रोक लगा दी। खाली सड़कों पर लोग साइकिल चलाने लगे। इस दौरान लोगों ने देखा कि कम ट्रैफिक वाला शहर अधिक आरामदायक और सुरक्षित है। इसी दौरान नीदरलैंडस में साइकिल में फिर बढ़ावा मिला।
Doomsday: क्या नवंबर में इस तारीख को खत्म हो जाएगी दुनिया? 1960 में वैज्ञानिक ने की थी डरावनी भविष्यवाणी
अभी नीदरलैंड्स में हजारों किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक बन हुए हैं। देश के कई शहरों में साइकिल अलग सिग्नल, पार्किंग और लेन बनाए गए हैं। यहां हर दिन साइकिल से यात्रा का बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं। एम्स्टर्डम को दुनिया की साइकिल राजधानी भी कहते हैं।