पीएम मोदी मौसम खराब होने के कारण बठिंडा से वाया रोड फिरोजपुर पहुंच रहे थे कि तलवंडी भाई-फरीदकोट के बीच किसानों ने रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी के काफिले को 15-20 मिनट तक वहीं रोके रखा और फिरोजपुर जाने को रास्ता नहीं दिया। मोदी वहीं से वापस बठिंडा लौटे और अपने जहाज से दिल्ली रवाना हो गए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि यह सब कुछ पंजाब सरकार के इशारे पर हुआ है। जबकि केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की बैठक होने पर उनकी ज्यादातर मांगों को स्वीकार करने पर सहमति बन चुकी थी। पीएम मोदी का रैली स्थल पर पहुंचने का समय दोपहर एक बजे था। इससे पहले मोदी को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीदी स्मारक शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की समाधि पर फूल अर्पित कर श्रद्धांजलि देने जाना था। दोपहर डेढ़ बजे तक रैली स्थल पर कुर्सियां खाली पड़ी थी, लोग रैली में पहुंच नहीं सके थे, क्योंकि 21 जगहों पर धरने लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं की बसें और अन्य वाहन रोके हुए थे।
पीएम रैली के विरोध की सात तस्वीरें: किसानों ने कहीं भाजपा के पोस्टर फाड़े तो कहीं कार्यकर्ताओं की बसों को रुकवाया, सड़क की जाम
यही नहीं जो कार्यकर्ता किसी तरह रैली स्थल से कुछ दूर पहुंच चुके थे, उन्हें पुलिस रैली में जाने तक नहीं दे रही थी। रैली में मौजूद भाजपा नेताओं को फोन आ रहे थे फिर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मंच से पुलिस के सीनियर अधिकारियों से कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को पंडाल तक पहुंचने दें।भाजपा नेता अश्वनी कुमार और दविंदर कुमार ने कहा कि उनके हजारों कार्यकर्ता विभिन्न जगहों पर रोक रखे हैं। फाजिल्का से पचास से अधिक बसों में उनके लोग रैली में आ रहे थे, जिन्हें किसानों ने गुरुहरसहाए में धरना लगाकर रोका है। इसी तरह फरीदकोट, जालंधर और लुधियाना के रास्ते में उनके लोग फंसे हैं। यह सब कुछ पंजाब सरकार के इशारे पर पुलिस कर रही है।
बठिंडा में कड़ाके की सर्दी और बारिश के बीच किसानों ने बुधवार को हनुमान चौक पर पीएम मोदी का 20 फीट ऊंचा पुतला फूंककर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बारिश भी किसानों के विरोध प्रदर्शन को रोक नहीं पाई। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसान नेता झंडा सिंह, हरिंदर कौर ने कहा कि दिल्ली आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा चुके 700 किसानों की जान की जिम्मेदार केंद्र सरकार है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों के साथ हुए समझौते के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया। किसानों की मुख्य मांगों में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा राशि, लखीमपुर घटना के मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, एमएसपी पर कानून बनाने जैसी मांग शामिल हैं। किसान नेताओं ने बताया कि इसके अलावा किसान, मजदूरों पर जो भी कर्ज है वो पूरा माफ किया जाए। किसान नेताओं ने एलान किया कि अगर 10 जनवरी तक केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो किसान अपना अगला संघर्ष तेज करेंगे।
किसानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ियां भी रोकीं
पीएम मोदी के बुधवार को फिरोजपुर दौरे के लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर फरीदकोट जिले में जगह जगह रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान फिरोजपुर रैली में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ियां भी रोकी गईं। किसान संगठनों ने मिनी सचिवालय में डीसी दफ्तर के आगे पीएम का पुतला भी फूंका। किसान संगठनों ने पीएम की रैली का विरोध करने का पहले ही एलान किया था। किसानों ने मिनी सचिवालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके अलावा कोटकपूरा में दो स्थानों पर भारतीय किसान यूनियन एकता फतेह ने फिरोजपुर रैली में जा रही गाड़ियों को रोका गया और एक स्थान पर भाजपा नेता की गाड़ी में तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई।
कोटकपूरा में फरीदकोट रोड से जा रहे भाजपा नेता जयपाल गर्ग की कार को रोकने का प्रयास किया गया और जब वह अपनी गाड़ी को निकालने में कामयाब हो गए तो उनकी कार पर लाठी से वार किया गया जिससे कार के शीशे में दरार आ गईं। इसी तरह कोटकपूरा में मोगा रोड पर भी भारतीय किसान यूनियन एकता फतेह की अगुवाई में किसानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं की बसों को रोक लिया, इसके रोष स्वरूप भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर जाम लगाकर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने भाजपा की बसों को दूसरे रास्ते से फिरोजपुर रवाना किया।