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साथियों की जान बचाते हुए देश पर कुर्बान, नौसेना का जवान
Fri, 23 Oct 2015 11:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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Updated Fri, 23 Oct 2015 11:17 AM IST
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नेवी में नायक पद पर तैनात नौ सैनिक की बहादुरी की गाथा सुनकर आप भी सैल्युट किए बिना नहीं रह सकेंगे। दरअसल सुखदेव सिंह नेवी में नायक पद पर पोर्ट-ब्लेयर में तैनात थे। नौ अक्तूबर को एक पनडुब्बी में आग लगने के दौरान दो जवानों को बचाने के प्रयास में झुलस गए थे। उन्होंने दोनों साथी जवानों की जान तो बचा ली, लेकिन इस दौरान वे खुद इतना झुलस गए कि वे समुद्र में कूद गए।
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उनके साथियों ने उसे बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां दस दिन तक जिंदगी से जंग लड़ते हुए 20 अक्तूबर को कोलकाता के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। अगस्त 2008 में नेवी में भर्ती हुए शहीद सुखदेव सिंह की शादी ढाई साल पहले ही हुई थी। डेढ़ महीना पहले वह छुट्टी पर गांव आया था। बीस दिन पहले ही अपनी गर्भवती पत्नी को छोड़कर अपनी ड्यूटी पर पोर्ट ब्लेयर गया था।
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घर पर माता-पिता के अलावा उनका एक बड़ा भाई राजीव व बहन कमलजीत हैं। बडा भाई राजीव ट्रांसपोर्ट का काम करता है। सुखदेव ने 2004 में गांव कन्हड़ी के आर्य स्कूल से दसवीं कक्षा पास की थी। फिर बारहवीं करने के बाद वह 2008 में जल सेना में भर्ती हुआ था। दिल्ली से सुखदेव सिंह के पार्थिव शरीर को लेकर यहां पहुंचे नेवी के कैप्टन जवेंद्र कुमार चौधरी, नेवी प्रकोष्ठ से प्रदीप सिब्बर व शिप जीआई रामनिवास आदि ने बताया कि सुखदेव सिंह हमेशा बहादुरी की बातें करता था और अपने गांव व प्रदेश पर गर्व करता था।
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हिसार से आए थल सेना के जवानों ने हवा में तीन फायर कर शहीद सुखदेव को सलामी दी और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने फूलमालाएं चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांव कन्हड़ी के 25 वर्षीय शहीद सुखदेव सिंह का वीरवार यहां राजकीय सम्मान के साथ सलामी देकर अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने गांव कन्हडी में पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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शहीद के साथी के पिता गांव ढाकल निवासी रोहताश ने बताया कि उसका बेटा भी सुखदेव के साथ चीफ पेटी अधिकारी के पद पर कार्यरत है। कुछ दिन पहले आए सुखदेव के हाथ उसने अपने बेटे के लिए कुछ सामान भिजवाया था। रोहताश ने बताया कि घटना की रात दोनों ने एक साथ खाना खाया। जिस समय यह हादसा हुआ, उसका बेटा भी मौके पर मौजूद था।
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