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पिता ने नौकरी छोड़ी...खुद की जान दांव पर थी, फिर भी बनी 'गोल्डन गर्ल', ऐसे रचा इतिहास

Sun, 22 Apr 2018 03:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 22 Apr 2018 03:49 PM IST
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Golden Girl Manu Bhaker Wins Gold Medal in Commonwealth Games 2018, success story
मनु भाकर
पिता ने नौकरी छोड़ दी, खुद की जान भी दांव पर लगी थी, पर हिम्मत नहीं छोड़ी और बन गई 'गोल्डन गर्ल'। बहादुर बेटी ने ऐसे रचा इतिहास।
Golden Girl Manu Bhaker Wins Gold Medal in Commonwealth Games 2018, success story
मनु और हीना
हम बात कर रहे हैं 16 साल की इंटरनेशनल शूटर मनु भाकर की। रविवार को मनु भाकर ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाया। इस उपलब्धि के साथ पिछले दो महीने में यह उनका सातवां गोल्ड मेडल है। मनु ने 240.9 अंक के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड भी बनाया।
Golden Girl Manu Bhaker Wins Gold Medal in Commonwealth Games 2018, success story
मनु भाकर
हरियाणा के झज्जर की मनु ने स्वर्ण पदक तक के अपने सफर में दो रिकॉर्ड ध्वस्त किए। पहली बार इन खेलों में भाग ले रही मनु ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में हमवतन और पूर्व नंबर एक निशानेबाज हीना को पछाड़कर इन खेलों का अपना पहला पीला तमगा जीतकर इन्हें यादगार बना दिया। इससे पहले मनु ने क्वालिफिकेशन में भी 386 का स्कोर कर रिकॉर्ड बनाया।
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Golden Girl Manu Bhaker Wins Gold Medal in Commonwealth Games 2018, success story
मनु भाकर और हीना सिद्धू
बेटी को निशानेबाज बनाने के लिए पिता ने छोड़ दी नौकरी
हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव की मनु भाकर बॉक्सिंग और फिर मार्शल आर्ट में भी पदक जीत चुकीं हैं। वहीं मनु का करियर इन खेलों में चोट लगने पर मां ने खत्म करा दिया, लेकिन मर्चेंट नेवी में इंजीनियर पिता रामकिशन ने दो साल पहले उनके हाथ में पिस्टल थमाई। मनु का स्कूल में बनी एकेडमी में पढ़ाई के बाद रोजाना 6 से 7 घंटे शूटिंग रेंज में निशाने लगाने का जुनून भी एक कारण है जो उन्हें शूटर बनाने के लिए रामकिशन ने नौकरी छोड़ दी।
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Golden Girl Manu Bhaker Wins Gold Medal in Commonwealth Games 2018, success story
मनु और हीना
दो साल पहले ही शूटिंग शुरू की थी
मनु की मां सुमेधा भाकर बताती हैं कि पिस्टल शूटिंग शुरू किए मनु को अभी सिर्फ दो साल हुए हैं। इससे पहले वह एक मुक्केबाज थीं, लेकिन आंख में चोट लगने की वजह से उसने मुक्केबाजी छोड़ दी, उसकी जान पर भी बन गई थी, पर किस्मत ने साथ दिया। लेकिन मनु ने खेल के प्रति अपना जज्बा कम नहीं होने दिया और शूटिंग में करियर बनाया। मनु पिछले साल आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 49वें नंबर पर रहीं थीं।
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