{"_id":"5ac5c38b4f1c1bc0618b5928","slug":"indian-boy-trishneet-arora-name-mentioned-in-forbes-30-under-30-asia-list","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"छोटी उम्र में Forbs की लिस्ट में पहुंचा 8वीं फेल ये लड़का, ऐसे कमाता है करोड़ों रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटी उम्र में Forbs की लिस्ट में पहुंचा 8वीं फेल ये लड़का, ऐसे कमाता है करोड़ों रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Apr 2018 03:32 PM IST
विज्ञापन
त्रिशनीत अरोड़ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो इस लड़के जैसा। 8वीं फेल है, लेकिन करोड़ों रुपये कमाता है, तरीका जानिए आपके भी बड़े काम आएगा।
त्रिशनीत अरोड़ा
ये है पंजाब के लुधियाना का रहने वाला 23 वर्षीय त्रिशनीत अरोड़ा। इनका नाम फोर्ब्स-30 अंडर-30 एशिया 2018 सूची में नाम दर्ज किया गया है। त्रिशनीत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, लेखक और टीएसी सिक्योरिटी के संस्थापक व सीईओ हैं। टीएसी सिक्योरिटी एक साइबर सुरक्षा कंपनी है।
त्रिशनीत अरोड़ा
मोहाली स्थित टीएसी सिक्योरिटी देश के बड़े कॉर्पोरेट्स को सेवाएं देती है। मध्यम वर्ग परिवार में जन्मे लुधियाना के त्रिशनीत अरोड़ा का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था। उनकी कंप्यूटर में रुचि थी। इस वजह से सारा समय कंप्यूटर के बारे में सोचने-समझने में चला जाता। इसके बाद अन्य विषयों की तैयारी के लिए समय ही नहीं था। उनकी कंप्यूटर और एथिकल हैकिंग में जबरदस्त दिलचस्पी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
त्रिशनीत अरोड़ा
त्रिशनीत ने बताया कि कंप्यूटिंग पढ़ने में इतना व्यस्त हो गए कि पढ़ाई का समय ही नहीं मिला। दो पेपर नहीं दिए तो परीक्षा में फेल हो गए। इस पर मां और पिता ने अच्छी फटकार लगाई। दोस्त और परिवार के अन्य लोगों ने भी काफी कुछ समझाया, लेकिन कंप्यूटर की तरफ रुचि से रुख नहीं बदला। आठवीं परीक्षा में फेल होने के बाद रेगुलर क्लास छोड़ दी। फिर 12वीं तक की पढ़ाई कॉरेस्पांडेंस से की।
विज्ञापन
त्रिशनीत अरोड़ा
त्रिशनीत कंप्यूटर और हैकिंग के बारे में नित नई जानकारियां इकट्ठा करने लगे। यह काम उनकी मां और पिता को बिल्कुूल पसंद नहीं था, लेकिन वे अपने शौक करियर बनाने का फैसला कर चुके थे। वह अपने काम से यह साबित करने लगे कि कैसे विभिन्न कंपनियों का डाटा चुराया जा रहा है। इन दिनों हैकिंग के क्या तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे उनके काम को मान्यता मिलने लगी। कंपनियां उनके काम को सराहने लगीं।