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Pics: कालका-हावड़ा एक्सप्रेस बनी बर्निंग ट्रेन, एक ही परिवार के 8 लोगों की हालत गंभीर
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Updated Tue, 27 Nov 2018 09:43 AM IST
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बर्निंग ट्रेन
शाहाबाद और कुरुक्षेत्र के बीच मंगलवार तड़के तीन बजे कालका-हावड़ा मेल (12312) ट्रेन की जनरल में भीषण आग लग गई। गांव धीरपुर के निकट यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। लेकिन तब तक धुएं से दम घुटने की वजह से 13 यात्रियों की हालत बिगड़ गई थी। निजी अस्पताल में उपाचार के बाद 12 यात्रियों को शाम तक घर भेज दिया गया। वहीं, हालत बिगड़ने की वजह से एक महिला यात्री को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, लोको पायलट की मदद से जलती बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया। इस वजह से बड़ा हादसा बच गया।
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बर्निंग ट्रेन
कालका-हावड़ा एक्सप्रेस की जिस जनरल बोगी में आग लगी वह इंजन के ठीक पीछे वाला जनरल का डिब्बा था। इस डिब्बे के आगे और पीछे पार्सल का डिब्बा था, जिसमें रेलवे की ओर से बुक किया सामान लोड था। इनमें दवाइयां, साइंस उपकरण, अंडे, हरी ताजा मटर की बोरियां और अन्य सामान लोड था। आग से सारा सामान जल गया। इसी सामग्री में कुछ ऐसे सामान होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी वजह से आग लगी। इस आगजनी से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। बोगी से किसी तरह जान बचाकर कूदे यात्री करीब एक घंटा तक मदद के लिए भटकते रहे। स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की। रेलवे प्रशासन की तरफ से उन्हें जल्दी मदद नहीं मिल पाई।
रेलवे पुलिस के एसआई ने केमिकल को बताया आगजनी की वजह
रेलवे पुलिस के एक एसआई के मुताबिक, बोगी में रखे किसी केमिकल की वजह से आग लगी है। हालांकि, अंबाला मंडल के अधिकारियों की फौरी जांच में पार्सल में किसी प्रकार के केमिकल लोड होने की जानकारी नहीं मिली है।
रेलवे पुलिस के एसआई ने केमिकल को बताया आगजनी की वजह
रेलवे पुलिस के एक एसआई के मुताबिक, बोगी में रखे किसी केमिकल की वजह से आग लगी है। हालांकि, अंबाला मंडल के अधिकारियों की फौरी जांच में पार्सल में किसी प्रकार के केमिकल लोड होने की जानकारी नहीं मिली है।
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बर्निंग ट्रेन
भारती को दिल्ली गंगाराम अस्पताल किया रेफर
दिल्ली के पहाड़गंज निवासी भारती पत्नी संजीव सोनकर, इनका 10 वर्षीय पुत्र वंश, 35 वर्षीया बेबी पत्नी विनोद सोनकर, 10 वर्षीय विनीत पुत्र विनोद सोनकर, 35 वर्षीय मौने पत्नी रामबाबू की आगजनी के दौरान दम घुटने से हालत बिगड़ गई थी। इन्हें तत्काल निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। हालत गंभीर होने की वजह से भारती को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी सभी को शाम तक छुट्टी दे दी गई।
सगाई कर लौट रहा था सोनकर परिवार, 35 तोला सोने के गहने नष्ट
कालका में सगाई करके दिल्ली लौट रहे सोनकर परिवार का करीब 35 तोला सोने के गहने, कीमती सामान, कपड़े, मोबाइल सब कुछ ट्रेन में खत्म हो गया। परिवार की बेटी का रिश्ता कालका में हुआ था। सगाई के बाद सोमवार शाम पांच बजे वापसी थी। कार्यक्रम लेट हो गया और वे रात को कालका-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन से लौट रहे थे। परिवार के करीब 14 लोग सगाई में शामिल हुए थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, जिन्होंने सारे गहने छीनाझपटी के डर से उतारकर बैग में रखे थे
दिल्ली के पहाड़गंज निवासी भारती पत्नी संजीव सोनकर, इनका 10 वर्षीय पुत्र वंश, 35 वर्षीया बेबी पत्नी विनोद सोनकर, 10 वर्षीय विनीत पुत्र विनोद सोनकर, 35 वर्षीय मौने पत्नी रामबाबू की आगजनी के दौरान दम घुटने से हालत बिगड़ गई थी। इन्हें तत्काल निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। हालत गंभीर होने की वजह से भारती को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी सभी को शाम तक छुट्टी दे दी गई।
सगाई कर लौट रहा था सोनकर परिवार, 35 तोला सोने के गहने नष्ट
कालका में सगाई करके दिल्ली लौट रहे सोनकर परिवार का करीब 35 तोला सोने के गहने, कीमती सामान, कपड़े, मोबाइल सब कुछ ट्रेन में खत्म हो गया। परिवार की बेटी का रिश्ता कालका में हुआ था। सगाई के बाद सोमवार शाम पांच बजे वापसी थी। कार्यक्रम लेट हो गया और वे रात को कालका-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन से लौट रहे थे। परिवार के करीब 14 लोग सगाई में शामिल हुए थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, जिन्होंने सारे गहने छीनाझपटी के डर से उतारकर बैग में रखे थे
बर्निंग ट्रेन
घर पर था, मगर फर्ज निभा गया पंचकूला का हवलदार
मूलरूप से जिला कुरुक्षेत्र निवासी हरियाणा पुलिस के हवलदार और पंचकूला पुलिस लाइन में तैनात श्रवण सिंह बाजवा अपने गांव आया हुआ था। उसने एंबुलेंस का इंतजार करने की बजाय, दम घुटने से बेहोश हुई दो महिलाओं को अपनी कार में कुरुक्षेत्र के अग्रवाल अस्पताल पहुंचाया। उसने अपने एक अन्य दोस्त को भी फोन कर उसकी गाड़ी मंगाई और दो बच्चों और एक महिला को भी अस्पताल पहुंचाया गया।
भयावह मंजर के बीच चारों दरवाजों से कूदे यात्री
श्रवण बाजवा के मुताबिक, घटनास्थल पर काफी भयावह मंजर था। ट्रेन की एक बोगी भीषण आग की लपटों से घिरी थी। दूसरी ओर बच्चों, महिलाओं और लोगों के चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। यात्री ट्रेन के चार दरवाजों से कूद रहे ।
मूलरूप से जिला कुरुक्षेत्र निवासी हरियाणा पुलिस के हवलदार और पंचकूला पुलिस लाइन में तैनात श्रवण सिंह बाजवा अपने गांव आया हुआ था। उसने एंबुलेंस का इंतजार करने की बजाय, दम घुटने से बेहोश हुई दो महिलाओं को अपनी कार में कुरुक्षेत्र के अग्रवाल अस्पताल पहुंचाया। उसने अपने एक अन्य दोस्त को भी फोन कर उसकी गाड़ी मंगाई और दो बच्चों और एक महिला को भी अस्पताल पहुंचाया गया।
भयावह मंजर के बीच चारों दरवाजों से कूदे यात्री
श्रवण बाजवा के मुताबिक, घटनास्थल पर काफी भयावह मंजर था। ट्रेन की एक बोगी भीषण आग की लपटों से घिरी थी। दूसरी ओर बच्चों, महिलाओं और लोगों के चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। यात्री ट्रेन के चार दरवाजों से कूद रहे ।
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बर्निंग ट्रेन
बुआ के ऊपर से गुजरते रहे यात्री
ट्रेन में सवार दिल्ली निवासी अजय सोनकर के मुताबिक उनकी बुआ ट्रेन से बाहर निकलने की भगदड़ में अंदर नीचे गिर गईं। अन्य यात्री अपने बचाव में उसके ऊपर से निकलते रहे। बड़ी मुश्किल से उसकी बुआ की जान बची।
सर्दी की वजह से बंद थीं खिड़कियां...
गांव अढौनी निवासी परमजीत व श्रवण ने बताया कि सर्दी के कारण बोगी की सभी खिड़कियां बंद थीं। ट्रेन से बाहर निकले लोग शोर मचाकर साथियों और अन्य यात्रियों को बाहर निकलने को कह रहे थे, लेकिन कौन कहां है, इसका अंदाजा नहीं हो रहा था। आखिर में दो महिलाएं ट्रेन में फंस गईं। इन्हें बड़ी मुश्किल से खिड़की खोलकर निकाला गया।
ट्रेन में सवार दिल्ली निवासी अजय सोनकर के मुताबिक उनकी बुआ ट्रेन से बाहर निकलने की भगदड़ में अंदर नीचे गिर गईं। अन्य यात्री अपने बचाव में उसके ऊपर से निकलते रहे। बड़ी मुश्किल से उसकी बुआ की जान बची।
सर्दी की वजह से बंद थीं खिड़कियां...
गांव अढौनी निवासी परमजीत व श्रवण ने बताया कि सर्दी के कारण बोगी की सभी खिड़कियां बंद थीं। ट्रेन से बाहर निकले लोग शोर मचाकर साथियों और अन्य यात्रियों को बाहर निकलने को कह रहे थे, लेकिन कौन कहां है, इसका अंदाजा नहीं हो रहा था। आखिर में दो महिलाएं ट्रेन में फंस गईं। इन्हें बड़ी मुश्किल से खिड़की खोलकर निकाला गया।

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