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कोई नहीं लेना चाहता इस शख्स का शव, मां और पत्नी भी नहीं, गुनाह ही ऐसा किया
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र/पिहोवा
Updated Sun, 31 Dec 2017 09:37 AM IST
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Morni Tripple Murder
- फोटो : File Photo
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देखिए इस शख्स ने जेल में फांसी लगा ली, लेकिन कोई इसका शव नहीं लेना चाहता। मां और पत्नी ने भी इंकार कर दिया, क्योंकि इसने गुनाह ही ऐसा किया था।
Morni Tripple Murder
- फोटो : अमर उजाला
मामला हरियाणा के पेहोवा का है। ये शख्स कोई और नहीं, वही जगदीप है जिसने अपने ही दो सगे भतीजों और भतीजी को मोरनी के जंगलों में ले जाकर गोली मार दी थी। इसने ही कुछ समय पहले अपने भाई की भी हत्या की थी। वीरवार रात जगदीप ने जेल में ही फंदा लगाकर जान दे दी। अब उसका शव लेने से परिजनों ने इनकार कर दिया है।
बाप ने आदेश दिया...चाचा ने मार दिए तीनों बच्चे
मृतक के गांव सारसा में शुक्रवार को हुई पंचायत में एलान किया कि शव गांव में नहीं आने देंगे। उधर एलएनजेपी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पुलिस दिन भर शव सुपुर्दगी के लिए इंतजार करती रही। गौरतलब है कि सगे भाई-बहन समर, सिमरन, समीर और अपने भाई की हत्या के आरोपी जगदीप ने वीरवार को जेल के बाथरूम में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दे दी थी।
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मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
पंचायत में एलान किया कि जगदीप के अंतिम संस्कार के लिए गांव में दो इंच जमीन भी नहीं दी जाएगी। इस एलान के बाद ग्रामीण पिहोवा तहसील पहुंचे और तीन एकड़ 18 मरले जमीन की रजिस्ट्री मृतक बच्चों की मां सुमन के नाम करवा दी। चौकी इंचार्ज ने बताया कि जगदीप की पत्नी रीना ने लिखित में दे दिया है कि वे शव नहीं लेंगे। 72 घंटे तक यदि जगदीप के परिजन शव लेने नहीं आए तो नियमानुसार अंतिम संस्कार करवा दिया जाएगा।
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मोरनी में तीन बच्चों की हत्या
मां को दी संस्कार की इजाजत तो किया इनकार
पंचायत ने जगदीप की मां को उसका शव लेकर अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी थी। साथ ही स्पष्ट किया कि उसके साथ गांव का कोई भी व्यक्ति शव लेने नहीं जाएगा। हालांकि जगदीप की मां ने भी शव का संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने गांववालों के साथ ही सहमति जता दी। जगदीप पत्नी रीना ने भी शव लेने से इंकार कर दिया। देर रात तक जगदीप का शव अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा रहा।
पंचायत ने जगदीप की मां को उसका शव लेकर अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी थी। साथ ही स्पष्ट किया कि उसके साथ गांव का कोई भी व्यक्ति शव लेने नहीं जाएगा। हालांकि जगदीप की मां ने भी शव का संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने गांववालों के साथ ही सहमति जता दी। जगदीप पत्नी रीना ने भी शव लेने से इंकार कर दिया। देर रात तक जगदीप का शव अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा रहा।