Hindi News
›
Photo Gallery
›
Chandigarh
›
Kargil Vijay Diwas 2020: Kargil War Shaheed Jawan Harish Pal Sharma's Family Waiting For Army Medal
{"_id":"5f1d1f2c8ebc3e9fde70604c","slug":"kargil-vijay-diwas-2020-kargil-war-shaheed-jawan-harish-pal-sharma-s-family-waiting-for-army-medal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"CourageInKargil: आज भी छलक उठतीं आंखें, लाडले की रूह पूछती है, मां! क्या मुझे सैन्य मेडल मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CourageInKargil: आज भी छलक उठतीं आंखें, लाडले की रूह पूछती है, मां! क्या मुझे सैन्य मेडल मिला
नवदीप शर्मा, पठानकोट (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 26 Jul 2020 01:20 PM IST
सार
शहीद सिपाही हरीश पाल शर्मा की मां राजदुलारी कीं व्यथा, कारगिल विजय दिवस हर वर्ष देता है दर्द
गांव में लाइब्रेरी, स्टेडियम व स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा अभी तक नहीं की पूरी
विज्ञापन
1 of 5
शहीद के परिवार को आज भी सैन्य मेडल का इंतजार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शहादत का जाम पीने वाले 13 जैक राइफल यूनिट के शहीद हरीश पाल शर्मा की मां की आंखें हर वर्ष विजय दिवस पर छलक उठती हैं। मां कहती है कि दुख की बात है कि कारगिल विजय के 21 वर्ष बाद आज भी उनसे लाडले की रूह बहादुरी का मेडल मिलने के बारे में सवाल करती है कि मां क्या उसे सैन्य मेडल मिला। परिवार को आज भी सरकारों से कई शिकायतें हैं।
2 of 5
शहीद की तस्वीर के साथ मां।
मां का कहना है कि बेशक सरकार कारगिल विजय के 21 वर्ष जश्न के तौर पर मना रही है, मगर सरकारी घोषणाओं के पूरा न होने से हर वर्ष उन्हें यह विजय दिवस दर्द देता है। जिले के सीमावर्ती गांव झरौली के शहीद लांसनायक हरीश पाल शर्मा की माता राज दुलारी व भाई सतीश शर्मा ने विजय दिवस की पूर्व संध्या पर दर्द बयां करते हुए बताया कि कारगिल युद्ध छिड़ने पर अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ टाइगर हिल फतेह करते हुए हरीश पाल ने शहादत का जाम पिया था।
3 of 5
Kargil vijay diwas
शहीद के शौर्य व अदम्य साहस के लिए सरकार ने मरणोपरांत सैन्य मेडल देने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि गांव के सरकारी स्कूल का नाम उनके शहीद बेटे के नाम पर नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत की ओर से जो यादगारी गेट बनाया है, उसकी हालत भी जर्जर होने से उनके बेटे की शहादत की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शहीद के परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लांस नायक हरीश पाल शर्मा 15 जून 1999 को अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ टाइगर हिल फतेह करते हुए शहीद हुए थे। उनके शौर्य और अदम्य साहस के लिए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत सैन्य पदक देने की घोषणा की थी । 21 साल बाद भी परिवार को अभी इसका इंतजार है। मां का कहना है कि वो दो बेटों के साथ घर का गुजारा मुश्किल से चला रही हैं। अभी तक किसी राजनेता और प्रशासन के अधिकारी ने परिवार की कोई सुध नहीं ली है।
विज्ञापन
5 of 5
यह शहीदों का अपमान, देश नहीं बर्दाश्त करेगा: विक्की
शहीद के परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने बताया कि शहीद के अंतिम संस्कार पर राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद की याद में गांव में लाइब्रेरी, स्टेडियम व स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा की थी, मगर अफसोस शहादत के 21वर्ष बाद भी वादे पूरे नहीं किए गए। अगर शहीदों के परिवार इसी तरह उपेक्षित होते रहे तो यह देश के शहीदों का अपमान होगा और देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।