बचपन में कागज के जहाज बनाकर उड़ाते थे। सपना था कि हवाई जहाज बनाएंगे। पंजाब के 50 वर्षीय किसान यादविंदर सिंह खोखर ने अपने इस सपने को सच करके भी दिखा दिया। वह थर्माकोल से जहाज बना कर रिमोट से उड़ा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन में भी रजिस्ट्रेशन कराया है। खोखर 80 एकड़ जमीन में खेती करने के साथ ही 50 से ज्यादा हवाई एवं जंगी जहाज के मॉडल तैयार कर चुके हैं। खेत में ही 50 फुट का रनवे भी बनाया है। हाल ही में उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है। खोखर ने पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस में किया है। यादविंदर सिंह खोखर बठिंडा के सरियावाला गांव के रहने वाले हैं।
बचपन का शौक अब चढ़ा परवान: पंजाब में किसान ने बना डाले 50 से अधिक जहाज, खेतों में भरते हैं उड़ान
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खोखर ने हाल ही में सी-130 हरक्यूलिस का मॉडल बनाया है। यह 94 इंच लंबा और साढ़े सात किलो वजन का है। इसे बनाने में उन्हें करीब दो महीने का समय लगा। इस पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आया। इससे पहले वह एफ-16 जंगी जहाज एवं कई घरेलू एयरक्राफ्ट के मॉडल बना चुके हैं। उन्होंने घर में ऐसे मॉडलों का एक संग्रहालय बनाया है। वह कई विश्वविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रदर्शनी लगा चुके हैं। इसके लिए उन्हें बठिंडा प्रशासन सम्मानित भी कर चुका है।
इंग्लैंड से जागी सपना साकार होने की उम्मीद
खोखर ने बताया कि 2007 में किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने इंग्लैंड गए थे। वहां पर उन्होंने इसी तरह के मॉडल का एक शो देखा था। वहां से वह दो एयरक्राफ्ट के मॉडल भी खरीद कर लाए। तब उन्हें लगा कि वह अब हकीकत के एयरक्राफ्ट बना सकते हैं। इसके बाद उन्होंने एयरक्राफ्ट के मॉडल से संबंधित ऑनलाइन अध्ययन किया।
विदेश से मंगाते हैं सामान
खोखर ने बताया कि एयरक्राफ्ट का मॉडल बनाने के लिए कई प्रकार के इलेक्ट्रानिक सामान की जरूरत पड़ती है। यह सामान देश में नहीं मिलता है। वह इसे हांगकांग, चीन एवं जापान से मंगाते हैं।
सीमा की सुरक्षा में हो सकते हैं मददगार
खोखर ने अभी थर्माकोल की बॉडी वाले एयरक्राफ्ट मॉडल बनाए हैं। वह आगे कार्बन फाइबर एवं ग्लास की बॉडी के भी एयरक्राफ्ट मॉडल बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर यह एयरक्राफ्ट मददगार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा एयरक्राफ्ट एवं ड्रोन का हाइब्रिड बनाकर खेती की देखभाल एवं कीटनाशक दवाइयां छिड़कने जैसे काम भी किए जा सकते हैं।