पंजाब के लुधियाना में तस्करी के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। तस्करी का पूरा खेल ही रसूख पर चल रहा था। हेरोइन की सप्लाई ये तस्कर ऑडी, जगुआर और बीएमडब्ल्यू जैसी कारों से करते थे। इतना ही नहीं डिलीवरी के दौरान आरोपियों के साथ बाउंसर और गनर की फौज होती थी। पूरे ठाठ-बाट के साथ तस्करी का ये ऐसा तरीका था कि पुलिसवाले भी चकमा खा जाते थे।
आइए पढ़तें हैं पूरी कहानी...
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आरोपियों से बरामद कारें।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लुधियाना के जगरांव के पास चार युवकों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी पुलिस को चकमा देने को लग्जरी कारों से हेरोइन की सप्लाई करते थे। इन्हीं आरोपियों में एक पायल के गांव राणों का पूर्व अकाली सरपंच गुरदीप सिंह राणों भी है। राणों की हर दल के नेताओं संग करीबी थी। सरकार जिस भी पार्टी की आई, राणों की चौधर कभी कम नहीं हुई। राणों की मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू, सीएम के ओएसडी अंकित बांसल समेत शिरोमणि अकाली दल के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, मुल्लांपुर दाखा से अकाली विधायक मनप्रीत सिंह अयाली सहित कई बड़े नेताओं के साथ फोटो वायरल हुई है।
वहीं राणों की गिरफ्तारी के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेसी और अकाली एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं भाजपा का कहना है कि सूबे में नशे का कारोबार कांग्रेसी और अकाली दल के नेताओं की तरफ से चलाया जा रहा है। वहीं रविवार को एसटीएफ ने तस्करी में गिरफ्तार राणों सहित चारों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी।
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मुख्यमंत्री के ओएसडी अंकित बंसल के साथ आरोपी।
- फोटो : फाइल फोटो
जानकारी के अनुसार, राणों नेताओं के साथ अपने नजदीकी संबंध का खूब फायदा उठाता था। इसी के चलते पुलिस में भी उसकी काफी अच्छी पैठ थी। वह जब भी हेरोइन की खेप देने जाता था, उसके साथ अन्य तीनों आरोपियों के अलावा बाउंसर और सिक्योरिटी गार्ड भी जाते थे। बड़ी गाड़ी और गाड़ी के अंदर हथियार से लैस सिक्योरिटी गार्ड के होने के कारण नाकों पर कोई रोकता भी नहीं था। वहीं सूत्रों के मुताबिक राणों चुनाव के समय दोनों पार्टियों के नेताओं को चंदा भी देता था। एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों ने नशा तस्करी से करोड़ों रुपये की प्रापर्टी भी बनाई है। अब जांच की जा रही है कि आरोपियों की प्रापर्टी कितनी और कहां-कहां है।
सूची बनाने के बाद उसे केस प्रापर्टी बनाकर साथ में अटैच किया जाएगा। एसटीएफ को पता चला है कि इस धंधे का किंगपिन तनवीर सिंह बेदी ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है और वहीं से नशा तस्करी का धंधा चला रहा है। वह जनवरी में अमृतसर से 200 किलो हेरोइन की तस्करी के मामले में भी वांछित है।
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मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू के साथ आरोपी।
- फोटो : फाइल फोटो
मैं गांव राणों के पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह राणों से कभी नहीं मिला। आरोपी के साथ मेरी फोटो कहां से आई, नहीं पता। मैं विकास कार्यों का जायजा लेने कई इलाकों में जाता हूं। आरोपी के साथ वायरल यह फोटो कहां की है, यह मुझे नहीं पता है। साथ में यूथ कांग्रेस के नेता हैं। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जानबूझ कर मुझे सुर्खियों में लाया जा रहा है। - कैप्टन संदीप संधू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार
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अकाली विधायक मनप्रीत अयाली के साथ आरोपी।
- फोटो : फाइल फोटो
राणों के साथ जो फोटो है, वह उपचुनाव जीतने के दिन की है। उस दिन बधाई देने वालों का तांता लगा था। मुझे नहीं पता कि उक्त व्यक्ति कौन था। आज ही पता चला है कि वह अकाली दल का पूर्व सरपंच था और सर्किल प्रधान भी रहा है। मेरी कभी आरोपी के साथ किसी तरह की न तो बात हुई है और न ही मेरे पास उसका संपर्क नंबर है। आरोपी से मैं कभी नहीं मिला। आजकल इस व्यक्ति की कांग्रेसी नेताओं के साथ ज्यादा नजदीकियां थीं और सरकार की तरफ से उसे सुरक्षा भी दी गई है। सरकार कांग्रेस की है और हम विपक्ष में हैं। सरकार को पूरी जांच करवानी चाहिए। अगर किसी नेता का नशा तस्करी में नाम आए तो उसे किसी भी हाल में बख्शा न जाए। - मनप्रीत सिंह अयाली, अकाली विधायक, मुल्लांपुर दाखा।