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सिद्धू मूसेवाला: अंतिम अरदास पर रो पड़े पिता, बचपन से अब तक का संघर्ष बयां किया... आपकी आंखों में आ जाएंगे आंसू
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 08 Jun 2022 03:49 PM IST
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भावुक गायक के पिता बलकौर सिंह।
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला अब हमारे बीच नहीं हैं। मगर वह अपने प्रशंसकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। बुधवार को मानसा की अनाज मंडी में उनकी अंतिम अरदास की गई। इस दौरान सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर भावुक हो गए। पिता ने कहा कि 29 मई का दिन बेहद मनहूस था।
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गायक सिद्धू मूसेवाला की अंतिम अरदास।
- फोटो : अमर उजाला
बलकौर सिंह ने कहा कि सिद्धू बेहद सीधा-साधा बच्चा था। जैसे गांव के लोग होते हैं। जब वह नर्सरी में पढ़ रहा था तब गांव से कोई बस भी नहीं जाती थी। साधनों की बेहद कमी थी। कभी बसों से तो कभी अपने स्कूटर से स्कूल ले जाता था। मैं फायर ब्रिगेड में था तो मूसेवाला को छोड़ने की वजह से ड्यूटी पर 20 मिनट लेट हो गया। उस दिन मैंने कहा कि बेटा या तो तू पढ़ेगा या मैं नौकरी करूंगा। सिद्धू ने दूसरी कक्षा से 12 वीं तक साइकिल चलाई। वह रोजाना 24 किलोमीटर स्कूल और ट्यूशन साइकिल चलाकर जाता था।
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गायक सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : फाइल
पिता ने बताया कि सिद्धू को बचपन से ही संघर्ष करना पड़ा। ऐसे हालात थे कि कभी जेब खर्च पूरा नहीं मिला। मगर अपनी मेहनत से 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद लुधियाना से इंजीनियरिंग की। आइलेट्स करने के बाद वह विदेश चला गया। डिग्री करने के बाद भी कभी मुझे तंग नहीं किया। वह गाना लिखता और जेब खर्च के लिए अपने गाने बेच देता था। बुलंदियों तक पहुंचने के बाद भी कभी सिद्धू ने अपनी जेब में पर्स नहीं रखा। कभी पैसों की जरूरत होती तो मुझसे मांगता था। सिद्धू हमेशा पैर छूकर और आज्ञा लेकर ही बाहर जाता था। जब तक मां टीका और गले नहीं लगती तब तक बाहर नहीं जाता था।
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मां के साथ सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
उन्होंने कहा कि 29 तारीख को मैंने कहा कि बेटा मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं। उस वक्त मैं खेत से आया था। बेटे ने कहा कि आपके कपड़े सही नहीं हैं। आप नहा-धो लो। मैं पांच मिनट में जूस वगैरह पीकर आता हूं। पिता ने रोते हुए कहा कि मैं सारी जिदंगी साथ रहा लेकिन उसी दिन पीछे रह गया। मेरे पास पछतावा के सिवाय कुछ भी नहीं है। आज तक मुझे यह नहीं पता है कि मेरे बच्चे का कसूर क्या था? अगर मेरा बच्चा गलती करता तो समाज की रीति है कि उलाहना आता है। मेरे पास आज तक एक भी फोन कॉल नहीं आई।
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
भावुक बलकौर सिंह ने कहा कि मेरा बच्चा मुझे गले लगाकर रोया कि पिता मुझे एक बात बताओ कि हर एक चीज मेरे साथ क्यों जुड़ जाती है? मैंने किसी का कुछ भी गलत नहीं किया। पिता ने कहा कि फिर भी मैंने बेटे पर यकीन नहीं किया। मैंने उसे मेरे और मां के ऊपर हाथ रखकर कसम खाने को कहा। कसम खाकर उसने कहा कि मैंने कभी किसी का कुछ गलत नहीं किया।
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