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किसान आंदोलन : बारिश बनी आफत तो किसानों ने निकाला देसी जुगाड़, ठंड से भी होगा बचाव

Mon, 04 Jan 2021 05:41 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 04 Jan 2021 05:41 PM IST
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Straw hut made for old farmers at kundli border in haryana
पराली से झोपड़ी बनाते युवा किसान। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानून रद्द कराने के लिए किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। कंपकंपाती ठंड में भी किसानों का हौसला बुलंद है। ठंड से बचने के लिए किसान हर रोज नए इंतजाम भी कर रहे हैं। तिरपाल व टेंट से ठंड का बचाव करने में दिक्कत हुई तो किसानों ने रातोंरात पराली और लकड़ी की बल्लियों से झोपड़ियां तैयार कर डाली। इसके लिए युवा किसानों ने रातभर आसपास के गांवों से पराली एकत्रित की। 

Straw hut made for old farmers at kundli border in haryana
पराली से बनी झोपड़ियाें से बारिश और ठंड से होगा बचाव। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में हुई हल्की बारिश से ठंड काफी बढ़ गई है और इससे धरने पर बैठे बुजुर्ग किसान काफी परेशान हैं। सड़क पर पानी भरने से किसानों को टेंट रखने में दिक्कत हुई। किसानों ने अपने टेंट पक्के स्थानों पर रखे और साथ ही रात को पराली व बल्लियों से बड़ी-बड़ी झोपड़ी खड़ी कर डाली। पराली की झोपड़ी में बारिश का पानी नहीं जा सकेगा। साथ ही इसमें ठंड भी कम लगेगी। 

Straw hut made for old farmers at kundli border in haryana
झोंपड़ी पर तिरपाल लगाता युवक। - फोटो : अमर उजाला

झोपड़ी पूरी तरह से बल्लियों पर खड़ी की गई हैं। पराली आसपास के गांवों से एकत्रित की गई। युवाओं ने बताया कि उन्होंने रात से ही झोपड़ियों के निर्माण का काम शुरू कर दिया था। उनके बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही थी। टेंट और तिरपालों से सर्दी नहीं रुक रही थी। अब वह लगातार झोपड़ियों के निर्माण में लगे हैं। हालांकि, आसपास आग की चिंगारी से सावधान रहना होगा। 

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Straw hut made for old farmers at kundli border in haryana
तिरपाल के नीचे खाना बनाते किसान। - फोटो : अमर उजाला

मंच से किसानों को दी गई श्रद्धांजलि 
कुंडली धरने पर रविवार को दो किसानों की मौत के बाद माहौल गमगीन रहा। मुख्य मंच से मृतक किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही किसानों के संघर्ष को सदैव याद रखने की घोषणा हुई। मंच से बुजुर्ग किसानों को ठंड से बचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने की घोषणा होती रही। 

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Straw hut made for old farmers at kundli border in haryana
किसानों को संबोधित करते संत सीचेवाल। - फोटो : अमर उजाला

किसानों के बीच पहुंचे पर्यावरणविद पद्मश्री बलबीर सिंह सीचेवाल
पंजाब में पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर चुके और पद्मश्री से सम्मानित हो चुके संत बलबीर सिह सीचेवाल रविवार को किसानों को समर्थन देने के लिए कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी मांग जायज है। ऐसे में सरकार को बिना देरी किए इनकी मांगों को मान लेना चाहिए। वह रात को पंजाब के कपूरथला से चलकर धरना स्थल पर पहुंचे। सोनीपत में पहुंचने पर पर्यावरण मित्र देवेंद्र सूरा की टीम ने भी उनका स्वागत किया।

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