बेहतर अनुभव के लिए ऐप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बेहद खास हैं ये भैंसे: लग्जरी गाड़ियों से भी महंगे, किसी की ढाई तो किसी की 11 करोड़ है कीमत, हैरान कर देगी मालिकों की कमाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 26 Feb 2022 12:10 AM IST
विज्ञापन
These buffaloes are more expensive than luxury vehicles
पशु मेला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

लग्जरी गाड़ियां भले ही 20 से 30 लाख रुपये में मिल जाती हों, मगर म्हारे मुर्राह नस्ल के देसी भैंसा की कीमत लाखों-करोड़ों में है। म्हारे देसी भैंसा अनमोल की कीमत तो ढाई करोड़ तक लग चुकी है। मगर इनके पालकों के मन में एक ही चीज है, बेचना नहीं हैं। हालांकि इनके सीमन की बिक्री की जा रही है। वहीं, इनके भोजन में भी सादा, पर नियमित भोजन दिया जाता है। वहीं ये भैंसे अपने मालिकों को इनामी बारिश से भी लखपती बना रहे हैं। मुर्राह नस्ल के भैंसा सूर्या, मोनू, लंबू, अमित शाह, अनमोल अपने पशु मालिकों के साथ गांव को भी अपनी नई पहचान दे रहे हैं। ये पशु राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में भिवानी पहुंचे।

Trending Videos
These buffaloes are more expensive than luxury vehicles
तालू के सूर्या के साथ नन्हा पशुपालक हितेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

तालू के सूर्या की कीमत 20 लाख से अधिक
तालू गांव से आया करीब पांच साल का सूर्या (भैंसा) सबके आकर्षण का केंद्र रहा। युवा पशुपालक सोमेश बताते हैं कि सूर्या को अलग से कुछ नहीं खिलते। मगर मिक्सचर और सही खाना समय पर देते हैं। इसकी कीमत 20 लाख से अधिक लग चुकी है। मगर बेचना ही नहीं है। इसका सीमन बेचते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
These buffaloes are more expensive than luxury vehicles
तालू के लंबू के साथ पशुपालक महेंद्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

तालू का लंबू है पांच फीट 9 इंच लंबा
तालू का 5 फीट 9 इंच लंबा लंबू अपनी लंबाई के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। चार साल का लंबू मुर्राह भैंसा भीम की संतान है। पशुपालक महेंद्र ने बताया कि वह इसको बचपन से पाल रहे हैं और इसे साधारण चारा, मिक्सचर, चना आदि ही दिया जाता है। खाने में और कुछ विशेष नहीं है।

These buffaloes are more expensive than luxury vehicles
जींद जिले के गांव गतौली के रूस्तम के साथ कैप्टन हरिओम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

गतौली के रुस्तम की सरकारी कीमत लगी 11 करोड़
जींद के गांव गतौली से आए रुस्तम ने भी मेले में अपनी छठा बिखेरी। कृषक रत्न अवॉर्डी रुस्तम की कीमत वर्ष 2016 में ढाई करोड़ लगी थी। मालिक कैप्टन हरिओम बताते हैं कि आठ साल का रुस्तम अनेक स्पर्धाओं में म्हारी शान बन चुका है और सरकारी चिकित्सकों ने ही आंका है कि इसक कीमत करीब 11 करोड़ है। मतलब इतने के सीमन इसके बिक जाएंगे। वह देश का चैंपियन झोटा है। 2016 में अलग-अलग स्पर्धाओं में सात बार चैंपियन बना। कैप्टन हरिओम बताते हैं कि वे रुस्तम को कुछ अलग से नहीं खिलाते। उसके खाने-पीने का ध्यान रखा जाता है। चना, मेथी, चारा दिया जाता है।

विज्ञापन
These buffaloes are more expensive than luxury vehicles
डोभ के राका के साथ पशुपालक रवींद्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नेशनल चैंपियन राका की देशभर में मांग
डोभ (रोहतक) निवासी रवींद्र के मुर्राह झोटे राका के सीमन की मांग तो हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब राज्यों में भी है। रवींद्र बताते हैं कि साधारण चारा ही खिलाते हैं। राका नेशनल चैंपियन है। प्रतिदिन उसे चना, सोयाबीन, दलिया के अलावा 10 किलो दूध दिया जाता है। उसके सीमन की काफी मांग है। मगर उसे बेचना नहीं चाहते। कीमत लाखों लग चुकी, मगर बेचना नहीं है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed