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देखिए एक गांव, जहां से दुल्हन लाई जाती तो नाव में बैठाकर दरिया पार करके

Thu, 28 Dec 2017 09:40 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब) Updated Thu, 28 Dec 2017 09:40 AM IST
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unique villaage of india, sorrounded by dariya from three sides
देश का अनोखा गांव
आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन देश में एक गांव ऐसा है, जहां बारात भी जाती है तो नाव में बैठकर दरिया पार करके और दुल्हन भी ऐसे ही लाई जाती।
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देश का अनोखा गांव
ये गांव है पंजाब का गांव कालू वाला। पाकिस्तान से भारत में प्रवेश कर रही सतलुज दरिया पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को सीमांत गांव कालू वाला से गांव टिंडी आने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है। बता दें कि कालू वाला तीनों तरफ दरिया से घिरा हुआ है। शादी-विवाह के दौरान भी ग्रामीणों को नाव के जरिए ही आना-जाना पड़ता है। शहर आने के लिए रोजाना ग्रामीण नाव पर बाइक लाद कर गांव टिंडी वाला आते हैं।
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अनोखा गांव
बड़ी किश्ती पर ट्रैक्टर लाद कर किसान गांव कालू वाला जाते हैं। कई बार ट्रैक्टर समेत नाव दरिया में डूब चुकी है। ग्रामीण संतोख सिंह, सुच्चा सिंह व तारो बाई का कहना है कि रोजाना नाव के जरिए दरिया पार कर गांव टिंडी वाला आना पड़ता है। यहां से वह शहर काम के लिए जाते हैं। अपने वाहन भी नाव में लाद कर साथ लाते हैं। रात के समय नाव के जरिए दरिया पार करना बहुत ही खतरनाक है।
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अनोखा गांव
परिवार के सदस्य बीमार हो जाते हैं, तो रात में वह नाव से दरिया पार नहीं कर पाते हैं। गांव कालू वाला में कोई डॉक्टर नहीं है। सुबह होने पर ही शहर जाकर दवा लेते हैं। ग्रामीण दर्शन सिंह का कहना है कि उनके भतीजे की शादी हुई थी तो पूरी बारात नाव में सवार होकर गई थी। कालू वाला में पानी का कोई साधन नहीं है, जिस कारण कई ग्रामीण महिलाएं घरेलू कपड़े धोने के लिए भी नाव में सवार होकर गांव टिंडी वाला आती हैं।
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गजब का एक गांव
किसान लखबीर सिंह ने बताया कि गांव कालू वाला में जमीन है। खेती जोतने के लिए नाव में लाद कर ट्रैक्टर गांव कालू वाला लेकर जाते हैं। कई बार नाव डूबने से ट्रैक्टर भी दरिया में बह गए हैं। लखबीर ने कहा कि चुनाव के दिनों में नेता ग्रामीणों से दरिया पर पुल बनाने के वादे कर जाते हैं, लेकिन आज तक यह वादे पूरे नहीं हुए हैं। गांव कालू वाला निवासी तरसेम सिंह का कहना है कि दरिया पर पुल नहीं होने से उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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