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रसोई में बदलते रहें आटा, डायबिटीज और बीमारियों से रहेंगे दूर, पढ़ें फायदे की ये 5 जानकारियां
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 26 Dec 2019 01:38 PM IST
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गेंहू का आटा
- फोटो : फाइल फोटो
हम सबके घरों में गेहूं के आटे की रोटियां बनती हैं, लेकिन अगर आप डायबिटीज और हड्डियों की व अन्य बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं तो आटे को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
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गेंहू का आटा
- फोटो : फाइल फोटो
सर्दियों में कभी-कभार मक्के के आटे की रोटी बन गई तो कभी बाजरा की, मगर रुटीन में लोग गेहूं के आटे का ही इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ गेहूं के आटे पर निर्भरता से शरीर को भरपूर प्रोटीन और आयरन नहीं मिल पाता। ऐसे में गेहूं के साथ दूसरे अनाजों के आटे को मिक्स करके खाने से न सिर्फ शरीर को सभी पौष्टिक आहार मिलते हैं, बल्कि शुगर लेवल भी बैलेंस रहता। डायबिटीज होने के आसार बहुत कम रहते हैं। आइए जानते हैं अन्य अनाजों के आटे के बारे में, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं और जिनके खाने से शरीर स्वस्थ रहता है।
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रागी का आटा
- फोटो : फाइल फोटो
रागी का आटा हड्डियों को करेगा मजबूत
रागी में कैल्शियम, विटामिन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट सरीखे तमाम जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसे खाने से तनावग्रस्त मरीजों को भी राहत मिलती है। रागी को पीसकर उसका इस्तेमाल आटे के तौर पर किया जाता है। हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह आटा बेहद मुफीद है। रागी में काफी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। हड्डियों के कमजोर होने से हुई बीमारियों में इसे खाने की सलाह दी जाती है। बढ़ते बच्चों के लिए भी यह फायदेमंद है। रागी को अंकुरित करके खाने से विटामिन सी का लेवल शरीर में बढ़ जाता है और आयरन शरीर में आसानी से पच जाता है।
रागी में कैल्शियम, विटामिन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट सरीखे तमाम जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसे खाने से तनावग्रस्त मरीजों को भी राहत मिलती है। रागी को पीसकर उसका इस्तेमाल आटे के तौर पर किया जाता है। हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह आटा बेहद मुफीद है। रागी में काफी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। हड्डियों के कमजोर होने से हुई बीमारियों में इसे खाने की सलाह दी जाती है। बढ़ते बच्चों के लिए भी यह फायदेमंद है। रागी को अंकुरित करके खाने से विटामिन सी का लेवल शरीर में बढ़ जाता है और आयरन शरीर में आसानी से पच जाता है।
बाजरे का आटा
- फोटो : फाइल फोटो
बाजरे का आटा कब्ज से रखेगा दूर
बाजरा ग्लूटेन फ्री होता है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। ग्लूटेन युक्त भोजन खाने से पाचन में दिक्कत होती है, इसलिए लोगों को उसकी जगह ग्लूटेन फ्री आटा खाने की सलाह दी जाती है। इसके लिए बाजरा हेल्दी ऑप्शन साबित हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उनको अपनी डाइट में बाजरा शामिल करना चाहिए है। ऐसा करने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही जो लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर परेशान रहते हैं, उन्हें भी अपने खाने में बाजरे की रोटी को शामिल करना चाहिए। फाइबर की उच्च मात्रा होने की वजह से यह आपको जल्दी भूख नहीं लगने देता।
बाजरा ग्लूटेन फ्री होता है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। ग्लूटेन युक्त भोजन खाने से पाचन में दिक्कत होती है, इसलिए लोगों को उसकी जगह ग्लूटेन फ्री आटा खाने की सलाह दी जाती है। इसके लिए बाजरा हेल्दी ऑप्शन साबित हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उनको अपनी डाइट में बाजरा शामिल करना चाहिए है। ऐसा करने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही जो लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर परेशान रहते हैं, उन्हें भी अपने खाने में बाजरे की रोटी को शामिल करना चाहिए। फाइबर की उच्च मात्रा होने की वजह से यह आपको जल्दी भूख नहीं लगने देता।
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मक्की का आटा
- फोटो : फाइल फोटो
मक्की का आटा है आंखों के लिए वरदान
मक्की के आटे में विटामिन ए और कैरोटिनॉइड पर्याप्त मात्रा में होता है, इसलिए इसका सेवन आंखों के लिए बेहद लाभकारी है। मक्की के आटे में आयरन होता है, इसलिए इसका सेवन करने से एनीमिया की समस्या नहीं होती। मक्की के आटे का सेवन करने से खून की कमी नहीं होती और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर भी सही बना रहता है। मक्की के आटे का सेवन करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पहुंचता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी सामान्य बना रहता है। कब्ज की समस्या भी नहीं होती। मक्की के आटे का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
मक्की के आटे में विटामिन ए और कैरोटिनॉइड पर्याप्त मात्रा में होता है, इसलिए इसका सेवन आंखों के लिए बेहद लाभकारी है। मक्की के आटे में आयरन होता है, इसलिए इसका सेवन करने से एनीमिया की समस्या नहीं होती। मक्की के आटे का सेवन करने से खून की कमी नहीं होती और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर भी सही बना रहता है। मक्की के आटे का सेवन करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पहुंचता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी सामान्य बना रहता है। कब्ज की समस्या भी नहीं होती। मक्की के आटे का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
